मासिक किस्त यानी EMI में गरबा मत खेलिए! जी हां, ऐसा कहने का अर्थ ये है कि त्योहार में खर्च बहुत सोच-समझकर करें, खासतौर पर ईएमआई पर शॉपिंग से बचना ज्यादा जरूरी है। नवरात्रि का उत्सव भले ही रौनक और रंगों से भरा हो, लेकिन खर्च करने में संतुलन बेहद जरूरी है। अक्सर लोग इस शुभ अवसर पर नए कपड़े, गहने, इलेक्ट्रॉनिक्स और घर की सजावट पर खुलकर खर्च करते हैं, और कई बार जरूरत से ज्यादा कर्ज भी ले लेते हैं। अगर आप भी इस नवरात्रि में बजट से बाहर जाकर खर्च करने की सोच रहे हैं, तो एक बार रुकिए! यह समय है बुद्धिमानी से खर्च करने का, ताकि त्योहारी खुशियां बाद में आर्थिक बोझ न बन जाएं। नवरात्र की शॉपिंग के दौरान किन बातों का ध्यान रखें जिससे आपकी जेब भी बचे और खुशियां भी बनी रहें, आइए इन्हीं बातों पर यहां चर्चा करते हैं।
फेस्टिवल से जुड़ी जरूरी त्योहारी वस्तुओं की लिस्ट बनाएं
त्योहारी सीजन में बिना सोचे-समझे खरीदारी करने की बजाय, आवश्यक वस्तुओं की एक सूची बनाना ज्यादा समझदारी भरा निर्णय है। अक्सर लोग इसे जरूरी नहीं मानते, लेकिन इस तरह की सूची बनाना आपकी वित्तीय स्थिति को समझने और अपने खर्चों की बेहतर योजना बनाने में मदद करता है। आप गैर-जरूरी चीजों पर खर्च कम कर सकते हैं, लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें हटाया नहीं जा सकता। सूची को विस्तार से बनाएं। जैसे उपहारों की सूची बनाते समय, किन-किन लोगों को उपहार देने हैं, उनके नाम शामिल करें। अगर आप त्योहारी सेल में कोई बड़ी खरीदारी करने की सोच रहे हैं, जैसे नई कार, ज्वेलरी, घर के लिए कोई नया उपकरण, या घर की डाउन पेमेंट तो उन्हें भी शामिल करें।
एक व्यावहारिक त्योहारी बजट बनाएं
जैसे ही आप गिफ्ट ढूंढना, कार्यक्रमों की योजना बनाना या घर को सजाने की सोचते हैं, वैसे ही एक व्यावहारिक बजट भी तैयार करें। तय करें कि आप कुल कितना खर्च कर सकते हैं जिससे आपकी वित्तीय स्थिति पर असर न पड़े। आप भोजन, सजावट, उपहार और मनोरंजन जैसे अलग-अलग कैटेगरी में बजट बांट सकते हैं। हर कैटेगरी के लिए सीमित राशि निर्धारित करने से आपको ट्रैक पर रहने और अनावश्यक खर्च से बचने में मदद मिलेगी। त्योहारी सेल और छूट आकर्षक हो सकती हैं, लेकिन आपको सोच-समझकर और जरूरत के अनुसार खर्च करना चाहिए। आपकी मासिक आय, मौजूदा कर्ज और अन्य आर्थिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए अपना बजट तैयार करें।
फिजूलखर्ची से बचें
दूसरों के दिखावे में आकर फिजूल खर्च न करें। हर व्यक्ति की वित्तीय स्थिति अलग होती है, इसलिए अपने बजट पर टिके रहना बेहद जरूरी है। अपने खर्चों के प्रति जागरूक रहें, अपनी जरूरतों की योजना बनाएं और भौतिक वस्तुओं की बजाय आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें। आजकल बहुत सी वित्तीय संस्थाएं पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन, इंस्टेंट लोन जैसी स्कीमें देती हैं, जिससे महंगी चीजें किस्तों में खरीदना आसान लगता है। हालांकि, इस तरह के कर्ज लेकर त्योहार मनाना सही नहीं है क्योंकि इससे भविष्य में कर्ज का बोझ बढ़ सकता है और आपकी वित्तीय सेहत पर असर पड़ सकता है।
क्रेडिट कार्ड के ज्यादा उपयोग से बचें
त्योहारों में क्रेडिट कार्ड का उपयोग सुविधाजनक लग सकता है क्योंकि इनमें कई आकर्षक ऑफर जैसे जीरो इंटरेस्ट EMI या ज्यादा कैशबैक मिलते हैं। लेकिन, इनकी ऊंची ब्याज दरों के कारण जल्दी ही कर्ज का जाल बन सकता है। त्योहारी खरीदारी के दौरान क्रेडिट कार्ड की बजाय नकद या डेबिट कार्ड का उपयोग करें। इससे आप सिर्फ उतना ही खर्च करेंगे, जितना आपके पास है। अगर क्रेडिट कार्ड का उपयोग करना ही पड़े, तो पूरा भुगतान समय पर करें ताकि ब्याज न लगे और बकाया न बढ़े। क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने से पहले अपने क्रेडिट लिमिट को अच्छी तरह समझ लें।
बोनस और नकद उपहार का समझदारी से उपयोग
फेस्टिवल में आपको ऑफिस से बोनस या रिश्तेदारों से नकद उपहार मिल सकता है। आमतौर पर लोग इस धनराशि को तात्कालिक इच्छाओं को पूरा करने में खर्च कर देते हैं, लेकिन यह समझदारी नहीं है। वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और भविष्य में कर्ज से बचने के लिए धैर्य से खर्च करने की आदत अपनाना जरूरी है। इस बोनस और उपहार का कुछ हिस्सा बचत या निवेश में लगाएं, जिससे लंबे समय में इसका लाभ मिल सके।



































