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New Tax Regime: क्या डेट फंड से होने वाली कमाई पर भी लागू होता है ₹12 लाख का रिबेट? आईटीआर भरने से पहले समझें

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : May 26, 2026 10:50 pm IST,  Updated : May 26, 2026 10:50 pm IST

सरकार द्वारा नई टैक्स व्यवस्था में मिलने वाला रिबेट कुल टैक्सेबल इनकम के आधार पर तय होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुल आय तय सीमा के भीतर रहती है, तो उसे टैक्स रिबेट का लाभ मिल सकता है।

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न्यू टैक्स रिजीम में बड़ा कन्फ्यूजन! Image Source : CANVA

नई टैक्स व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स रिबेट मिलने की खबर के बाद कई निवेशकों के मन में एक बड़ा सवाल है कि क्या डेट म्यूचुअल फंड से होने वाली कमाई पर भी यह फायदा मिलेगा? खासकर वे लोग जो FD की जगह डेट फंड में निवेश करते हैं, उनके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि टैक्स नियम आखिर क्या कहते हैं। ITR फाइल करने से पहले इन नियमों को समझना आपके टैक्स की बचत में मदद कर सकता है।

क्या है डेट फंड पर टैक्स का नया गणित?

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 1 अप्रैल 2023 के बाद खरीदे गए डेट म्यूचुअल फंड्स (जिनमें घरेलू इक्विटी हिस्सेदारी 35% से कम होती है) के मुनाफे को अब सीधे आपकी नियमित सालाना आय (Short Term Capital Gains) में जोड़ दिया जाता है। इसका मतलब यह है कि डेट फंड से होने वाली कमाई पर कोई अलग या फिक्स टैक्स रेट लागू नहीं होता, बल्कि यह आपके टैक्स स्लैब के अनुसार करयोग्य होती है।

चूंकि डेट फंड का यह मुनाफा आपकी ग्रॉस टोटल इनकम का हिस्सा बनता है, इसलिए यदि आपकी सैलरी, व्यापार और डेट फंड के मुनाफे को मिलाकर आपकी कुल सालाना कमाई ₹12,00,000 (₹12 लाख) या उससे कम बैठती है, तो आपको नए टैक्स रिजीम में धारा 87A के तहत पूरा रिबेट मिल जाएगा। इस स्थिति में आपको डेट फंड के मुनाफे पर भी कोई टैक्स नहीं देना होगा।

यहां फंस सकता है पेंच, रहें सावधान

डेट फंड निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम टैक्स ट्रैप का है। मान लीजिए आपकी सालाना सैलरी ₹11,50,000 है और आपको इस साल डेट फंड से ₹60,000 का मुनाफा हुआ। इस तरह आपकी कुल आय ₹12,10,000 हो गई। चूंकि आपकी कुल कमाई ₹12 लाख की सीमा को पार कर गई है, इसलिए आप धारा 87A के तहत मिलने वाले रिबेट के दायरे से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में आपको ₹12 लाख के ऊपर के हिस्से पर ही नहीं, बल्कि नए टैक्स स्लैब के अनुसार पूरी आय पर टैक्स चुकाना होगा।

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