केंद्र सरकार जीएसटी स्लैब में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। अगर जीएसटी में कम्पनसेशन सेस को हटाकर हेल्थ सेस और क्लीन एनर्जी सेस शुरू करने का प्रस्ताव पास हो जाता है तो कई चीजों के दामों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो तंबाकू उत्पाद जैसे- सिगरेट और गाड़ियां महंगी हो सकती हैं। हेल्थ सेस 'सिन गुड्स' पर लागू होगा। सिन गुड्स में सिगरेट, शराब, लग्जरी चीजें और गाड़ियां शामिल हैं। सिन गुड्स पर सरकार बाकी चीजों के मुकाबले सबसे ज्यादा टैक्स वसूलती है और ये जीएसटी के सबसे ज्यादा 28 प्रतिशत वाले ब्रैकेट में आते हैं।
लग्जरी कार और कोयला पर लगाया जा सकता है क्लीन एनर्जी सेस
इसके अलावा, क्लीन एनर्जी सेस महंगी लग्जरी कारों और कोयले पर लागू किया जा सकता है। एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि कम्पनसेशन सेस पर मंत्रियों के ग्रुप (GoM) की एक कमेटी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी कर रहे हैं, इस महीने के आखिर में इस मामले पर चर्चा कर सकती है। मंत्रियों का ग्रुप पहले ही दो नए टैक्स पर सहमति के करीब पहुंच चुका है, क्योंकि ज्यादातर राज्यों से उम्मीद की जाती है कि वे हानिकारक माने जाने वाले चीजों पर ज्यादा टैक्स वसूलने को स्वीकार करेंगे।
मिडल क्लास को क्या राहत मिलेगी
बताते चलें कि जीएसटी के मौजूदा 4 स्लैबों को घटाकर 3 करने पर भी विचार हो रहा है। जीएसटी काउंसिल 12 प्रतिशत वाले जीएसटी स्लैब को खत्म कर सकती है। सरकार 12 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में आने वाली चीजों और सेवाओं को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत वाले स्लैब में शिफ्ट करने पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस शिफ्टिंग में काफी विचार किया जाना है कि किन चीजों को 5 प्रतिशत वाले स्लैब में डालना है और किन चीजों को 18 प्रतिशत वाले स्लैब में डालना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार मिडल क्लास को ध्यान में रखते हुए बदलाव कर सकती है।