Amazing Facts : पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है। यह यात्रियों की पहचान साबित करता है और विदेश यात्रा की कानूनी अनुमति प्रदान करता है। बिना पासपोर्ट के कोई भी व्यक्ति विदेश नहीं जा सकता। यह वीजा प्राप्त करने, विदेश में बैंक खाता खोलने, होटल बुकिंग और आपातकालीन सहायता के लिए आवश्यक है। पासपोर्ट में व्यक्तिगत विवरण, फोटो और बायोमेट्रिक जानकारी होती है, जो सुरक्षा सुनिश्चित करती है। मगर, क्या आपको पता है कि भारत में भारत में पासपोर्ट अलग—अलग रंग के क्यों होते हैं ? यदि आपको नहीं पता है तो बता दें कि, भारत में पासपोर्ट चार अलग-अलग रंगों (नीला, सफेद, लाल और नारंगी) प्रकार के होते हैं। दरअसल, हर एक रंग के पीछे कोई न कोई विशेष वजह होती है जिसके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं।
पहले ये जानें
गौरतलब है कि, 1967 के पासपोर्ट अधिनियम के तहत विदेश मंत्रालय द्वारा प्रबंधित भारत की पासपोर्ट प्रणाली में उल्लेखनीय विकास हुआ है। बायोमेट्रिक चिप से लैस ई-पासपोर्ट की हालिया शुरुआत ने भारतीय नागरिकों के लिए विदेश यात्रा को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बना दिया है।
इंस्टाग्राम पर वायरल पोस्ट से संक्षेप में समझें
इंस्टाग्राम पर marketingquake नामक हैंडल से पासपोर्ट के रंगों से जुड़ी एक पोस्ट की गई थी। इसे संक्षेप में आसान भाषा में ऐसे समझ सकते हैं।
नीले रंग के पासपोर्ट का उद्देश्य
भारत में सर्वाधिक प्रचलित नीला पासपोर्ट आधिकारिक तौर पर साधारण पासपोर्ट कहलाता है। यह निजी, एजुकेशन, बिजनेस, या हॉलिडे यात्राओं के लिए विदेश जाने के उद्देश्य से बनाया गया है। लाखों की तादात में भारतीय इस पासपोर्ट का उपयोग कर रहे हैं। ये अब बायोमेट्रिक चिप से युक्त ई-पासपोर्ट के रूप में भी उपलब्ध है। इससे आव्रजन प्रक्रिया सुगम होती है और सुरक्षा में सुधार होता है।
सफेद रंग के पासपोर्ट का उद्देश्य
सफेद रंग का पासपोर्ट भारत में केवल सरकारी अधिकारियों, सिविल सेवकों और आधिकारिक कार्यों पर यात्रा करने वाले सैन्य कर्मियों को मिलता है। इसे भी अब छेड़छाड़ से बचाने के लिए आरएफआईडी चिप के साथ एक सुरक्षित ई-पासपोर्ट के रूप में जारी किया जाता है। गौरतलब है कि, इस पासपोर्ट को प्राप्त करने के लिए काफी कठिन प्रक्रिया है। बताया जाता है कि, आवेदकों को सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र, अपने विभाग से ड्यूटी सर्टिफिकेट, एक आधिकारिक प्रेषण पत्र और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से मंजूरी प्रदान करनी होती है।
लाल रंग के पासपोर्ट का उद्देश्य
भारत में मिलने वाला लाल पासपोर्ट राजनयिकों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और उनके परिवारों को मिलता है। ये पासपोर्ट रखने वाले वीज़ा प्रक्रिया में तेजी और कुछ देशों में वीज़ा फ्री यात्रा करने का लाभ उठा सकते हैं। चूंकि ये पासपोर्ट ई-पासपोर्ट प्रारूप में भी जारी किए जाते हैं, इसलिए उनकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति बढ़ जाती है। राजनयिक पासपोर्ट के आवेदन का वेरिफिकेशन प्रोसेस काफी सख्त होता है। इसमें आधिकारिक पहचान पत्र, कर्तव्य प्रमाण पत्र, अग्रेषण पत्र और प्रधानमंत्री कार्यालय से मंजूरी शामिल है। ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही संवेदनशील राजनयिक यात्रा की अनुमति है।
नारंगी रंग के पासपोर्ट का उद्देश्य
जिन पासपोर्ट आवेदकों ने शिक्षा का एक निश्चित स्तर पूरा नहीं किया हो या जो काम के सिलसिले में कुछ देशों की यात्रा कर रहे हों नारंगी रंग उन भारतीय नागरिकों को जारी किया जाता है। इसके लिए अतिरिक्त मंजूरी की आवश्यकता होती है। नारंगी पासपोर्ट यह संकेत देता है कि पासपोर्ट धारक को विदेश यात्रा करने से पहले अतिरिक्त आव्रजन प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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