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दुनिया के सबसे ताकतवर पद पर बैठकर अगर कोई शख्स अपने निजी कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दे, तो उस पर सवाल उठना लाजिमी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों ठीक इसी वजह से सुर्खियों में हैं।
शेयर बाजार में जब कोई स्मॉल-कैप स्टॉक अचानक अपर सर्किट छू ले, तो निवेशकों की नजरें खुद-ब-खुद उसी पर टिक जाती हैं। शुक्रवार को ऐसा ही नजारा डिफेंस सेक्टर की कंपनी Axiscades Technologies के शेयर में देखने को मिला। विदेशी ऑर्डर की एक खबर ने इस मल्टीबैगर स्टॉक को रॉकेट की रफ्तार दे दी।
23 जनवरी 2026 को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर कोहराम मचा दिया है। कल की मामूली गिरावट के बाद, आज बाजार खुलते ही कीमतों में ऐसी आग लगी कि निवेशकों और आम जनता के होश उड़ गए।
केरल के रेल नक्शे पर आज विकास की एक नई लकीर खिंच गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को ऐसा तोहफा दिया है, जो न सिर्फ सफर को आसान बनाएगा बल्कि तीन राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को भी नई रफ्तार देगा। पीएम ने 3 अमृत भारत ट्रेनों समेत कुल 4 नई ट्रेनों का शुभारंभ किया।
इंडिगो को शुक्रवार को शेयर बाजार में जोरदार झटका लगा। कंपनी की पैरेंट इंटरग्लोब एविएशन के शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान करीब 4 फीसदी तक टूटकर 4,724 रुपये के इंट्रा-डे लो पर पहुंच गए। इसकी वजह दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजे रहे, जिसमें कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 78 फीसदी तक घट गया।
टेक सेक्टर से एक बार फिर कर्मचारियों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आ रही है। दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल Amazon अब एक नए दौर की छंटनी की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अगले हफ्ते से हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है।
शेयर बाजार के लिए हफ्ते का आखिरी दिन थोड़ा सुस्त रहा। सेंसेक्स आज 16.07 अंकों की गिरावट के साथ 82,291.30 पर खुला, वहीं निफ्टी 17.95 अंकों की कमजोरी के साथ 25,271.95 पर ट्रेड कर रहा था। कुल मिलाकर 1,230 शेयर बढ़त में रहे, 901 शेयर घटे और 172 शेयर स्थिर रहे।
कभी-कभी जिंदगी किसी इंसान की परीक्षा इतनी कठिन ले लेती है कि हर बार हार के बाद आगे बढ़ना नामुमकिन सा लगने लगता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हर नाकामी को आखिरी नहीं, अगली सीढ़ी मानते हैं। ऐसी ही एक इंस्पायरिंग कहानी ShareChat के को-फाउंडर अंकुश सचदेवा की है।
अगर आप हर महीने बिजली के बिल से पहले ही परेशान रहते हैं, तो आने वाले सालों में यह चिंता और बढ़ सकती है। केंद्र सरकार की नई राष्ट्रीय विद्युत नीति (NEP) के मसौदे ने बिजली उपभोक्ताओं के बीच नई बहस छेड़ दी है। इस ड्राफ्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 से बिजली का बिल हर साल अपने आप बढ़ सकता है।
भारतीय विमानन सेक्टर की उम्मीदों को 2025 का साल बड़ा झटका लगा है। एक ओर जहां एयरलाइंस महामारी के बाद धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की कोशिश कर रही थीं, वहीं एक बड़े विमान हादसे और अंतरराष्ट्रीय हालात ने देश की राष्ट्रीय पहचान बन चुकी एयर इंडिया की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।
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