Friday, July 19, 2024
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IAS अधिकारी की पंजाब सरकार को चुनौती, बोलीं- जो करना है करें-मैं चुनाव लड़ूंगी

बठिंडा लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार IAS परमपाल कौर सिद्धू ने बुधवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार को चुनौती दी है। परमपाल ने साफ कह दिया है कि वह चुनाव लड़ेंगी और AAP सरकार को जो भी करना है कर लें।

Edited By: Subhash Kumar @ImSubhashojha
Updated on: May 09, 2024 7:16 IST
परमपाल कौर सिद्धू।- India TV Hindi
Image Source : PTI परमपाल कौर सिद्धू।

लोकसभा चुनाव 2024 के तीन चरण समाप्त हो चुके हैं। अब 4 चरणों के चुनाव होने बीकी हैं। हालांकि, इस बीच पंजाब के बठिंडा सीट का चुनाव रोचक हो गया है। यहां भाजपा ने IAS अधिकारी परमपाल कौर सिद्धू को टिकट दिया है। सिद्धू का इस्तीफा केंद्रीय कार्मिक विभाग ने स्वीकार कर लिया है। लेकिन पंजाब सरकार ने उन्हें 3 महीने की नोटिस पीरियड से छूट देने से इनकार कर दिया है और तुरंत अपना पद संभालने को कहा है। दूसरी ओर अब परमपाल कौर सिद्धू भी आर या पार के मूड में आ गई हैं। उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार उनके खिलाफ कोई भी कदम उठा सकती है, लेकिन वह लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगी।

क्या है पूरा विवाद?

भाजपा ने पंजाब की बठिंडा लोकसभा सीट से आईएएस अधिकारी परमपाल कौर सिद्धू को अपना उम्मीदवार बनाया है। परमपाल कौर सिद्धू ने IAS के पद से इस्तीफा देते हुए तीन महीने की नोटिस अवधि की शर्त को माफ करने का अनुरोध किया था। हालांकि, पंजाब सरकार ने उनके इस अनुरोध को ठुकरा दिया है। सरकार ने कहा है कि नोटिस की अवधि में छूट केवल राज्य सरकार ही दे सकती है और वह भी तब जब वह लिखित रूप में दर्ज कारणों से संतुष्ट हो।

परमपाल कौर सिद्धू ने दिया जवाब

परमपाल कौर सिद्धू ने राज्य सरकार को जवाब देते हुए कहा है कि उन्हें केंद्र सरकार ने पहले ही कार्यमुक्त कर दिया है। सिद्धू ने बताया कि वह एक जून को पंजाब में होने वाले लोकसभा चुनाव के बाद राज्य सरकार को अपना जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि AAP सरकार सिर्फ उनका समय बर्बाद करवाना चाहती है। सिद्धू ने कहा कि मैं अपनी सेवानिवृत्ति के बाद जो करना चाहती हूं वह कर सकती हूं। 

पंजाब सरकार ने दिया था काम पर लौटने का निर्देश

पंजाब सरकार ने परमपाल कौर सिद्धू को भेजे गए अपने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार ने अभी भी आपके नियम 16(2) के तहत आवश्यक तीन महीने की नोटिस अवधि को माफ नहीं किया है और वीआरएस को स्वीकार करने के बारे में कोई आदेश भी जारी नहीं किया है। पत्र में सरकार ने कहा है कि सिद्धू को सेवानिवृत्त या सेवा से मुक्त नहीं माना जा सकता है। इसलिए वह तुरंत अपने काम पर वापस लौटें अन्यथा उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। (इनपुट: भाषा)

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