पंजाब के लुधियाना में एक फैक्ट्री में गैस रिसाव होने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। वहीं, दो का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया ऐ में मध्य रात्रि के बाद "दीप टूल" नामक एक टूल बनाने वाली फैक्ट्री में कथित जहरीली गैस लीक होने से 5 मजदूरों की हालत बिगड़ गई। इनमें से 3 की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। मृतकों में बाप-बेटे भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार रात के समय पाना-चाबी बनाने वाली फैक्ट्री में किसी प्रकार की गैस पाइपलाइन से अचानक जहरीली गैस का रिसाव हो गया। कुछ ही मिनटों में गैस पूरे परिसर में फैल गई, जिससे दम घुटने और आंखों में जलन के कारण 5 के करीब मजदूर बेहोश हो गए। फिलहाल 2 मजदूरों का गंभीर स्थिति में इलाज चल रहा है।
मजदूर घर नहीं लौटे तो परिजनों शुरू की खोज
इस हादसे में मान सिंह, उनके बेटे अमित और श्रीराम नामक व्यक्ति की मौत हुई है। पता चला है कि मान सिंह और अमित मशीन के नीचे निकलने वाली मिट्टी को ट्रॉली में भरने गए थे, तभी गैस की चपेट में आ गए। मृतक रात को काम पर गए थे और आमतौर पर देर रात घर लौट आते थे, लेकिन सुबह परिजनों के फैक्ट्री में पहुंचने पर पता चला कि कुछ मजदूर अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन वहां पहुंचने पर 3 मजदूरों की मौत की जानकारी मिली।
मैनेजमेंट ने परिजनों को नहीं दी सूचना
आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने न तो मजदूरों के परिवार और न ही पुलिस को इस हादसे की कोई सूचना दी। सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच इस घटना की सूचना पुलिस और परिजनों को मिली। पता चला है कि रात में मजदूरों से उनके नियमित काम के बजाय मलबा उठवाया जा रहा था। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
सीवेज लाइन की सफाई कर रहे थे मजदूर
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना औद्योगिक क्षेत्र-ए में आरके रोड पर स्थित एक कारखाने में हुई, जहां श्रमिकों को सीवेज लाइन की सफाई के लिए बुलाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, सफाई के दौरान मजदूर अचानक जहरीली गैसों की चपेट में आ गए। उनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बेहोश हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में भर्ती दोनों श्रमिकों की हालत स्थिर है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा ने बताया कि कारखाना प्रबंधन के खिलाफ कथित लापरवाही के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है। शर्मा ने बताया, ''जांच में यह तय किया जाएगा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है और इसमें शामिल गैस की सटीक प्रकृति क्या थी, जिसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।'' पुलिस ने कहा कि जांचकर्ता यह भी जांच करेंगे कि सीवर सफाई अभियान के दौरान अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं। अधिकारियों ने इस घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इसके तहत औद्योगिक इकाइयों में खतरनाक कार्यों के लिए अनिवार्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की भी जांच की जाएगी।
(लुधियाना से तुषार भारती की रिपोर्ट)
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