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पंजाब कैबिनट का बड़ा फैसला, नकली बीजों की बिक्री करने पर लगेगा 50 लाख तक जुर्माना; जमानत भी नहीं मिलेगी

 Published : Jul 25, 2025 11:43 pm IST,  Updated : Jul 25, 2025 11:47 pm IST

पंजाब मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को नकली बीजों की बिक्री को गैर-जमानती अपराध बनाने के लिए बीज (पंजाब संशोधन) विधेयक 2025 पेश करने को मंज़ूरी दे दी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया।

मीटिंग करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान- India TV Hindi
मीटिंग करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान Image Source : X@BHAGWANTMANN

चंडीगढ़ः पंजाब मंत्रिमंडल ने नकली बीजों की बिक्री को गैर-जमानती अपराध बनाने के प्रावधान वाले बीज (पंजाब संशोधन) विधेयक 2025 को शुक्रवार को मंज़ूरी दे दी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसमें कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने राज्य के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बीज (पंजाब संशोधन) विधेयक 2025 को मंज़ूरी दे दी है। 

गैर-जमानती बनाने वाले विधेयक को मिली मंजूरी

सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि बीज अधिनियम 1966 की धारा 19 में कानून लागू होने के बाद से कोई संशोधन नहीं हुआ है, जिसके कारण जुर्माने और दंड का कोई असर नहीं है। इसलिए मंत्रिमंडल ने बीज अधिनियम में संशोधन करने और बीज अधिनियम की धारा 7 (अधिसूचित किस्मों के बीजों की बिक्री का विनियमन) के उल्लंघन के लिए धारा 19ए जोड़ने, जुर्माने और दंड को बढ़ाने और इसे संज्ञेय और गैर-जमानती बनाने के लिए एक विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है। 

10-50 लाख लग सकता है जुर्मा

विधेयक के प्रावधान के अनुसार, किसी कंपनी द्वारा पहली बार अपराध करने पर एक से दो साल की सजा और 5-10 लाख रुपये का जुर्माना और दोबारा अपराध करने पर दो से तीन साल की सजा और 10-50 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। 

कई अन्य अहम फैसले

मंत्रिमंडल ने राज्य में औद्योगिक/व्यावसायिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए भूखंड उपलब्ध कराने के वास्ते एक तंत्र विकसित करने पर भी सहमति व्यक्त की। समूह 'घ' पदों के उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने पंजाब राज्य (समूह घ) सेवा नियम, 1963 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी, जिससे मौजूदा 35 वर्ष की ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 37 वर्ष कर दिया गया। मंत्रिमंडल ने एकमुश्त निपटान योजना (ओटीएस) शुरू करने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने राज्य में खाद्यान्नों के सुचारू परिवहन के लिए 'पंजाब खाद्यान्न परिवहन नीति 2025' और 'पंजाब श्रम एवं ढुलाई नीति 2025' को भी मंजूरी दी।

इनपुट- भाषा  

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