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भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ रही पंजाब सरकार, उठाए हैं कई बड़े कदम

 Published : Jan 23, 2025 01:38 pm IST,  Updated : Jan 23, 2025 01:38 pm IST

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस नीति' अपनाई है। सीएम भगवंत मान ने एलान किया है कि यदि किसी जिले में कोई अधिकारी भ्रष्टाचार या अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उस जिले के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार होंगे।

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पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। Image Source : FILE

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को खत्म करने के लिए पंजाब सरकार ने एक सशक्त और प्रभावी ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाई है। मुख्यमंत्री मान ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा, चाहे वह प्रशासनिक अधिकारी हो, पुलिस अधिकारी या किसी भी दल का नेता। उन्होंने भ्रष्टाचार से लड़ाई के लिए मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन - 9501200200 भी जारी की है।

सैकड़ों मामलों में गिरफ्तार हुए भ्रष्टाचारी

मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग सहित कुल 13,806 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8,050 शिकायतें अन्य विभागों से संबंधित थीं और उन विभागों को विचार के लिए भेज दी गईं। कुल 917 बची हुई शिकायतों को जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो के विभिन्न संबंधित एसएसपी, विजिलेंस ब्यूरो रेंज को भेज दिया गया है, जिनमें से 194 शिकायतें दर्ज की गई हैं और कुल 194 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 23-03-2022 से 30-11-2024 की अवधि के दौरान ब्यूरो द्वारा दर्ज विभिन्न 695 मामलों में कुल 778 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इसी अवधि के दौरान, विभिन्न अदालतों द्वारा 89 सतर्कता मामलों का निपटारा किया गया, 119 आरोपियों को सजा सुनाई गई और गहन जांच के लिए 239 सतर्कता जांच दर्ज की गईं।

अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश

सीएम भगवंत मान ने एलान किया है कि यदि किसी जिले में कोई अधिकारी भ्रष्टाचार या अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उस जिले के उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जिम्मेदार होंगे। यदि किसी भी सरकारी अधिकारी द्वारा किसी काम के लिए पैसे या कमीशन की मांग की जाती है, तो इसे लेकर उपायुक्त और एसएसपी पर कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश का उद्देश्य अधिकारियों को जवाबदेह बनाना और निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की रोकथाम करना है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि वे जिले के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बनी रहे।

मुख्यमंत्री सहायता केंद्र: जनता के लिए आसान सेवा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में ‘मुख्यमंत्री सहायता केंद्र’ की स्थापना की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लोगों को समयबद्ध और प्रभावी सेवाएं प्रदान करना है। इस केंद्र के माध्यम से, लोग सीधे अपने प्रशासनिक मुद्दों को उठाकर सरकार से मदद प्राप्त कर सकते हैं। यह केंद्र सुनिश्चित करेगा कि जिले के भीतर किसी भी तरह के कामों में देरी न हो और नागरिकों को सरकारी सेवाओं में कोई भी कठिनाई न हो। इस पहल के तहत, प्रशासनिक कार्यों से संबंधित आवेदन सीधे संबंधित विभागों को भेजे जाएंगे, जिससे कार्यों के तत्काल निष्पादन में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड: स्मार्ट निगरानी

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक और महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है, जिसे ‘मुख्यमंत्री डैशबोर्ड’ कहा गया है। यह डैशबोर्ड कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठकर जनता को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। डैशबोर्ड न केवल अधिकारियों की उपस्थिति की निगरानी करेगा, बल्कि यह आम जनता से उनके आवेदन और लंबित कार्यों के बारे में फीडबैक भी प्राप्त करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के काम में लापरवाही या भ्रष्टाचार न हो, और लोगों को तत्काल और प्रभावी सेवा मिल सके।

भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन: एक सशक्त कदम

पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसे ‘भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन’ के रूप में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक हेल्पलाइन नंबर (9501200200) जारी किया है, जिस पर लोग भ्रष्टाचार से संबंधित घटनाओं की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को रोकना है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी अधिकारी से रिश्वत की मांग की जाती है, तो वह इस नंबर पर ऑडियो या वीडियो रिकॉर्ड करके शिकायत करें। इसके बाद सरकार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी, ताकि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का कहना है कि भ्रष्टाचार एक ऐसी बीमारी है, जो समाज को खोखला कर देती है, और इसे जड़ से समाप्त किया जाना चाहिए। यही वजह है कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें अधिकारियों की निगरानी, भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री सहायता केंद्र और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जैसी पहलें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में अपनी सरकार के प्रयासों पंजाब के भ्रष्टाचार मुक्त होने तक जारी रखने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री मान का कहना है कि जब तक भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

Disclaimer: यह एक पेड फीचर आर्टिकल है। इंडिया टीवी इसमें बताए गए विचारों का समर्थन नहीं करता है और आर्टिकल में कही गई राय, विचारों, घोषणाओं के लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं होगा। पाठकों को स्व-विवेक के प्रयोग की सलाह दी जाती है।

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