राजस्थान के भरतपुर में 12वीं कक्षा के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित मोहन सिंह के माता-पिता 27 जनवरी को उत्तर प्रदेश से उससे मिलने आए थे और उसे कड़ी मेहनत करने की सलाह दी थी। सर मथुरा गेट थाने के सहायक उपनिरीक्षक हर गोपाल ने बताया कि पीड़ित अपने छोटे भाई के साथ भरतपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा था और लक्ष्मी नगर इलाके में किराए के मकान में रह रहा था।
उन्होंने बताया कि मोहन एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ता था। उसने यह कदम उस समय उठाया जब उसका छोटा भाई स्कूल गया हुआ था। माता-पिता को सूचित कर दिया गया और पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया गया। मृतक के परिजन गहरे सदमे में हैं और गांव में मातम पसरा है।
बता दें कि एक हफ्ते में यह दूसरा मामला है जब किसी छात्र ने आत्महत्या की है। 21 जनवरी को 19 वर्षीय छात्र ने भी पढ़ाई के दबाव में आत्महत्या कर ली थी। वह एसएससी की तैयारी कर रहा था और आंबेडकर छात्रावास में रह रहा था।
उधर, राजस्थान के डूंगरपुर जिले के जंगल में एक छात्र और छात्रा का शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे और उनकी मौत के पीछे का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है।
रामसागड़ा के थानाधिकारी गोपाल नाथ ने बताया कि शवों को मंगलवार देर रात अस्पताल भिजवा कर उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि लड़के की पहचान 18 वर्षीय चेतन के रूप में हुई, जो 12वीं कक्षा में पढ़ता था जबकि लड़की नौवीं कक्षा की छात्रा थी। (भाषा इनपुट्स के साथ)
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