दुबई में काम के लिए गए राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रामपुरा गांव के सुमेर सिंह मीणा की लाश शुक्रवार दोपहर जैसे ही कॉफिन में गांव पहुंची, घर में कोहराम मच गया। 40 वर्षीय सुमेर सिंह मार्च से लापता थे। शव आने की सूचना पर गांव में सन्नाटा पसर गया। पत्नी और बेटी बेसुध हो गईं। परिवार के अन्य सदस्यों और ग्रामीणों ने उन्हें ढांढस बंधाया। गमगीन माहौल में बेटे प्रदीप मीणा ने नम आंखों से पिता को मुखाग्नि दी।
कर्ज लेकर गया था विदेश, अब पूरा परिवार बेसहारा
परिजनों के अनुसार सुमेर सिंह एजेंट के जरिए झुंझुनूं से दुबई नौकरी के लिए गए थे। इसके लिए उन्होंने 1 लाख रुपये का कर्ज लिया था। वहां करीब आठ महीने तक उन्होंने काम किया, लेकिन मार्च के बाद से उनका परिवार से संपर्क टूट गया। कई प्रयासों के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिल पाई। कुछ समय पहले दुबई से उनके शव की बरामदगी की खबर आई। अब परिवार न सिर्फ कर्ज में डूबा है, बल्कि कमाने वाला एकमात्र सहारा भी चला गया है।
प्रेम भंडारी के प्रयासों से शव लौटा भारत
राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA) के अध्यक्ष प्रेम भंडारी के प्रयासों से सुमेर सिंह का शव भारत लाया जा सका। भंडारी ने दुबई पुलिस से मामले की जांच की मांग करते हुए कहा है कि सुमेर की मौत के पीछे किसी साजिश या लापरवाही की गहराई से जांच की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता, मुआवजा और लिया गया कर्ज वापस दिलाने की अपील भी की है।
(रिपोर्ट- अमित शर्मा)
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