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Rajasthan BJP: वसुंधरा नहीं मोदी के चेहरे पर चुनाव में लड़ेगी पार्टी, राजस्थान बीजेपी का ऐलान, जानिए क्या है इसकी वजह?

Rajasthan BJP: राजस्थान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने जानकारी दी है कि विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया भाजपा का चेहरा नहीं होंगी। पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनावी मैदान में उतरेगी। 

Deepak Vyas Written by: Deepak Vyas @deepakvyas9826
Published on: May 21, 2022 12:47 IST
Rajasthan BJP- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO Rajasthan BJP

Highlights

  • वसुंधरा समर्थकों का चुनाव में मोदी को चेहरा मानने से इंकार
  • भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक का आज शनिवार को अंतिम दिन
  • चुनावी रणनीति को लेकर देर रात जेपी नड्डा ने की पूनिया के साथ बैठक

Rajasthan BJP: राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव को लेकर विभिन्न पार्टियों में चुनावी सरगर्मियां अभी से बढ़ गई है। इसी बीच बीजेपी ने भी इस बार राजस्थान में चुनाव जीतने के लिए पूरी कमर कस ली है। राजस्थान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने जानकारी दी है कि विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया भाजपा का चेहरा नहीं होंगी। पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनावी मैदान में उतरेगी। पार्टी में चल रही गुटबाजी को देखते हुए मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया गया है। वसुंधरा समर्थकों को यह रास नहीं आया है। 

राजस्थान की राजधानी जयपुर में चल रही भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक का आज शनिवार को अंतिम दिन है। शुक्रवार को पीएम मोदी ने बैठक को संबोधित किया। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने साफ कर दिया कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा का चेहरा पीएम मोदी और कमल का फूल ही रहेंगे, लेकिन वसुंधरा समर्थकों को यह रास नहीं आया है। वसुंधरा समर्थकों ने पीएम मोदी को चेहरा मानने से इंकार कर दिया है। एक वसुंधरा समर्थक नेता ने कहा, 'वसुंधरा राजे की अनदेखी से विधानसभा चुनाव में नुकसान होगा। वसुंधरा राजे का राजस्थान में क्रेज है। विरोधी गुट वसुंधरा पर नकेल कसने की कोशिश कर रहा है।'

देर रात जेपी नड्डा ने की पूनिया के साथ बैठक

वसुंधरा समर्थकों के तेवर देख शुक्रवार को देर रात राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और बीएल संतोष ने प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के साथ अलग से बैठक कर प्रदेश के मौजूदा सियासी हालातों का फीडबैक लिया। दरअसल, समर्थक विधायक एवं नेता वसुंधरा राजे को राजस्थान की सियासत में 'पायलट' जैसी स्थिति में नहीं देखना चाहते हैं। समर्थकों का आरोप है कि शेखावत और पूनिया बार-बार पीएम मोदी का नाम आगे कर सीधे तौर वसुंधरा पर टारगेट कर रहे है। 

जेपी नड्डा ने वसुंधरा को दिया संदेश 

पीएम मोदी ने बीजेपी की मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा, 'संगठन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से बड़ा है। वंशवाद और परिवारवाद के कीचड़ में कमल खिला है।' वसुंधरा समर्थक इसे कटाक्ष के तौर पर मान रहे हैं। राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया के एक समर्थक नेता ने कहा, 'पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थकों को भी एक संदेश दिया गया कि 'व्यक्तिगत वफादारी से उन्हें किसी तरह का लाभ नहीं मिलने वाला।' वसुंधरा समर्थक गुटबाजी को हवा दे रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चाहते हैं कि प्रदेश इकाई में मतभेदों को दूर किया जाए। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार से राजस्थान के जयपुर में शुरू हुई। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ स्टेट यूनिट्स के प्रभारियों को पार्टी साफ तौर पर यह संदेश देने की कवायद में जुटी है कि 'संगठन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से बड़ा है'। 

सीएम पद से कोई समझौता नहीं 

जानकारों का कहना है कि राजस्थान भाजपा में सीएम फेस नहीं बनाए जाने से वसुंधरा राजे बेहद नाराज हैं। वसुंधरा राजे ने बीजेपी की हाई लेवल बैठक से पहले पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत की पुस्तक 'धरती पुत्र' का विमोचन किया था। इस दौरान वसुंधरा राजे ने शायरी से अपने सियासी विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। वसुंधरा राजे ने कहा, 'जिन पत्थरों को हमने दी थी धड़कनें, उनको जुबान मिली थी तो हम पर ही बरस पड़े।' वसुंधरा राजे का साफ संदेश था कि जिन लोगों को वह राजनीति में लेकर आई है, आज वो उनकी ही खिलाफत कर रहे हैं। उससे वो आहत होने वाली नहीं है। पूर्व सीएम के सियासी तेवरों से साफ है कि सीएम पद से कोई समझौता नहीं करेगी।