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राजस्थान में जल्द हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार, कुछ मंत्रियों के बदले जा सकते हैं विभाग-सूत्र

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 10, 2021 11:33 am IST,  Updated : Jun 10, 2021 12:44 pm IST

राजस्थान में जल्द ही अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार अपने कैबिनेट का विस्तार कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य में 9 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं।।

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राजस्थान में जल्द हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार, कुछ मंत्रियों के बदले जा सकते हैं विभाग-सूत्र Image Source : FILE

जयपुर: राजस्थान में जल्द ही अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार अपने कैबिनेट का विस्तार कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य में 9 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं।। कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं जब कि कुछ के प्रमोशन के संकेत मिले हैं। राजस्थान में अधिकतम कुल 30 मंत्री बनाये जा सकते हैं। फिहाल कैबिनेट में मुख्यमंत्री गहलोत समेत कुल 21 सदस्य हैं। पायलट खेमे में गए विधायकों में से तीन या चार को मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं बीएसपी से कांग्रेस में आए 6 विधायकों में से दो या तीन मंत्री बनाए जा सकते हैं।

 राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार में राजनीतिक नियुक्ति और मंत्रिमंडल फेरबदल का इंतजार पायलट खेमे के लोग कर रहे है। इससे पूर्व पायलट समर्थक वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी जिन्होंने हाल ही में कुछ मुद्दों को लेकर सरकार से नाराजगी जाहिर करते हुए अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को भेजा दिया था। पायलट खेमे के अन्य नेताओं में शामिल वेद प्रकाश सोलंकी, रमेश मीणा ने हाल ही में सरकार के विरोध अपनी आवाज उठाते हुए चिंताएं व्यक्त की थी।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेन्द्र ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि पार्टी आलाकमान ने कोई वादा किया है तो उसे पूरा करना चाहिए। सिंह से संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी आलाकमान अथवा प्रभारी महासचिव से जो भी बातचीत हुई है उन्हें इसे पूरा करना चाहिए। यदि उन्होंने कोई मुद्दा उठाया तो मैं नहीं समझता उसमें कुछ गलत है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष जुलाई में मुख्यमंत्री गहलोत के प्रति नाराजगी दिखाते हुए अपने समर्थक विधायकों के साथ हरियाणा चले गए थे। उस समय पायलट को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था। पार्टी आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद वे वापस लौट आये। आलाकमान ने उनके द्वारा उठाये गये मुद्दो के समाधान के लिये एक समिति का गठन किया था। 

 

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