भीलवाड़ा: कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 में आधुनिक संसाधन इस्तेमाल से डमी परीक्षार्थियों की धरपकड़ में रविवार को भीलवाड़ा पुलिस को सफलता मिली। राजस्थान में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती की परीक्षा देने आया एक और डमी कैंडिडेट पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी ने 01 जून 2025 को हुई डीएलएड की परीक्षा में दूसरे की जगह बैठकर परीक्षा दी थी जिसके बाद से ही पुलिस उसे खोज रही थी। भीलवाड़ा की कोतवाली थाना पुलिस ने डमी कैंडिडेट के खिलाफ जीरो नंबर की FIR दर्ज कर गिरफ्तार करते हुए पूछताछ के लिए भरतपुर भेज दिया है।
एसएमएम गर्ल्स कॉलेज में डमी कैंडिडेट अरेस्ट
एआई के जरिये बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट और फोटो मैच करने की तकनीक ने साढ़े तीन महीने पहले डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा दे चुके अभ्यर्थी को पहचान लिया। रविवार को भीलवाड़ा शहर में आयोजित हुई पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के तहत परीक्षा देने पहुंचे इस युवक को बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट और फोटो मैच के आधार पर पकड़ कर पूछताछ की गई तो सोमवार को खुलासा हो गया।
भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने कहा कि शहर के सेठ मुरलीधर मानसिंहका गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र पर धौलपुर जिले के बसेड़ी निवासी सुनील कुमार गुर्जर नाम के परीक्षार्थी को पूर्व में रहे डमी कैंडिडेट के रूप में हिरासत में लिया गया है।
आरोपी की पहचान और पूर्व रिकॉर्ड
बायोमेट्रिक्स कैप्चर और फोटो से पता चला कि सुनील कुमार गुर्जर ने कोटा वर्धमान ओपन यूनिवर्सिटी की ओर से गत 1 जून को आयोजित प्री-डीएलएड परीक्षा में भरतपुर के बयाना तहसील के तरसुमा गांव निवासी दीपक कुमार पुत्र शंकर सिंह गुर्जर की जगह डमी कैंडिडेट बनकर भरतपुर में परीक्षा दी थी। अब भीलवाड़ा शहर के कोतवाली पुलिस द्वारा जीरो नंबर की एफआईआर दर्ज कर भरतपुर की मथुरा गेट थाने में भेजी जा रही है।
परीक्षा में बैठाने वाले के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
साथ ही सुनील से पूछताछ की जा रही है कि उसने पहले भी कभी किसी और के नाम से इस तरह डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा तो नहीं दी थी या वह किसी की गिरोह का हिस्सा है। पुलिस अब सुनील कुमार को परीक्षा में बैठाने वाले दीपक कुमार के खिलाफ भी कानूनी कारवाई करेगी।
(रिपोर्ट- सोमदत्त त्रिपाठी)
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