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रोजाना कितनी शाखाएं लगाता है राष्ट्रीय स्वंसेवक संघ? पिछले एक साल में तेजी से बढ़ी है संख्या

 Published : Mar 17, 2026 08:26 am IST,  Updated : Mar 17, 2026 08:26 am IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की देशभर में रोजाना लगने वाली शाखाओं की संख्या बढ़कर 88,000 से अधिक हो गई है, जो पिछले साल से करीब 6,000 ज्यादा है। संघ की गतिविधियां 55,000 से अधिक स्थानों तक पहुंच गई हैं। अकेले राजस्थान में 12,109 दैनिक शाखाएं और 5,950 साप्ताहिक मिलन हो रहे हैं।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की देश के अलग-अलग हिस्सों में रोजाना 88,000 से ज्यादा शाखाएं लगती हैं। Image Source : PTI FILE

जयपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी कि RSS ने पिछले एक साल में रोजाना लगने वाली शाखाओं के मामले में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। अब देशभर में रोजाना 88,000 से ज्यादा शाखाएं चल रही हैं, और यह संख्या पिछले साल के मुकाबले करीब 6,000 बढ़ गई है। संघ के नेता रमेशचंद्र अग्रवाल ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संघ की गतिविधियां अब 55,000 से ज्यादा जगहों पर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि संघ अब दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच गया है। अग्रवाल ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और आदिवासी क्षेत्रों में भी नियमित शाखाएं चल रही हैं।

'राजस्थान में RSS की ताकत और मजबूत हुई है'

संघ के नेता ने बताया कि राजस्थान में RSS की ताकत और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा, 'यहां 12,109 रोजाना शाखाएं चल रही हैं, साथ ही 5,950 साप्ताहिक मिलन भी हो रहे हैं। समाज में जुड़ाव बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में हिंदू सम्मेलन भी आयोजित किए गए हैं।' बता दें कि RSS की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की 3 दिवसीय बैठक 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के समालखा में हुई। इस बैठक में संगठन के विस्तार, सामाजिक सद्भाव और समाज की ज्यादा भागीदारी से राष्ट्र निर्माण पर चर्चा हुई।

हिंदू परिवारों में 3 बच्चों के सवाल पर भी बोले अग्रवाल

अग्रवाल ने कहा, 'संगठन के विस्तार के साथ-साथ संघ 'पंच परिवर्तन' पहल के जरिए सामाजिक मूल्यों को मजबूत कर रहा है। अगले साल देशभर में 96 प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे, जो संघ के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।' जब उनसे हिंदू परिवारों में बच्चों की संख्या पर सरकार को कोई प्रस्ताव देने के बारे में पूछा गया, तो अग्रवाल ने साफ कहा कि संघ का सरकार को ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा, 'संघ प्रमुख ने वैज्ञानिक आधार पर स्पष्ट कहा है कि परिवार में कम से कम 3 बच्चे होने चाहिए। बच्चों का मानसिक और मनोवैज्ञानिक विकास तब बेहतर होता है जब वे अन्य बच्चों के साथ बड़े होते हैं। हिंदू परिवारों में कम से कम 3 बच्चे होने चाहिए।'

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