झालावाड़: झालावाड़ के पिपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई जबकि कई बच्चे घायल हुए हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालावाड़ पहुंची और जिला अस्पताल में भर्ती घायल बच्चों से मुलाकात की। पूर्व सीएम पीड़ित परिजनों को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा जताया।
शिक्षा विभाग पर पूर्व सीएम ने उठाए सवाल
इस दौरान वसुंधरा मीडिया से रूबरू होते हुए राज्य के शिक्षा विभाग पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा विभाग प्रदेश के ऐसे स्कूलों को पहले ही चिन्हित कर लेता और बच्चों को अन्यत्र सुरक्षित भवन में शिफ्ट कर देता तो हमारे ये बच्चे काल का ग्रास नहीं बनते। उन्होंने कहा कि बहुत ही दर्दनाक घटना है। हमारे परिवार के 7 स्कूली बच्चों को भगवान ने हमसे छीन लिया। इस हादसे में 28 बच्चे घायल हो गए। जैसे ही मुझे इस घटना की जानकारी मिली। मुझे बहुत आघात लगा। मैं और झालावाड़-बारां के सांसद दुष्यंत सिंह तत्काल दिल्ली से यहां के लिए रवाना हो गए।
प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों का सर्वे कराए सरकार
वसुंधरा राजे ने कहा कि शिक्षा विभाग प्रदेश के सभी स्कूलों का सर्वे करवाए। जहां भी स्कूल जर्जर अवस्था में हैं। वहां के बच्चों को सुरक्षित भवन में शिफ्ट करे। ऐसे स्कूलों को गिरा कर नये भवन बनवायें ताकि बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ न हो सके। मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखें और इस हृदय विदारक घटना को लेकर कोई राजनीति न करें। आहत परिवारों की मदद करे। राजनीति नहीं।
पूर्व सीएम ने कहा कि जो भी मांगे हैं उनको सक्षम स्तर पर पहुंचा कर यथा संभव जो भी हो सकता है निस्तारण करवाने का प्रयास करेंगे। मैं ईश्वर से दिवंगत की आत्मा को शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना करती हूं।
जर्जर स्कूल के कमरों को तोड़ा जाए
वरिष्ठ भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने कहा कि मुझे लगता है कि राज्य के शिक्षा विभाग को सभी स्कूलों का सर्वेक्षण करवाना चाहिए। अगर इस इमारत की पहचान कर ली जाती और बच्चों को किसी सुरक्षित इमारत में स्थानांतरित कर दिया जाता, तो यह घटना न होती। कुछ ठोस काम किया जाना चाहिए ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
पांच टीचर सस्पेंड
सरकारी स्कूल की छत गिरने के मामले में सरकार ने पांच शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया। इमारत की छत गिरने के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। इस घटना में पंद्रह छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से आठ की हालत गंभीर है और उन्हें झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
रिपोर्ट- अनीस, झालावाड़