Kamada Ekadashi Daan: कामदा एकादशी का व्रत हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। 2026 में 29 मार्च को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही राशि के अनुसार कुछ चीजों का दान इस दिन करने से आपको माता लक्ष्मी और विष्णु भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आज हम आपको राशि अनुसार कामदा एकादशी के दान के बारे में ही आपको जानकारी देंगे।
मेष और वृश्चिक राशि
इन दोनों ही राशियों के स्वामी ग्रह मंगल हैं। इसलिए इन दोनों राशियों को कामदा एकादशी के दिन गुड़, लाल मिठाई और लाल वस्त्रों का दान करना चाहिए। ऐसा करने से इनको ऊर्जा की प्राप्ति होती है और सेहत में भी अच्छे बदलाव आते हैं।
वृषभ और तुला राशि
तुला और वृषभ दोनों ही राशियों के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। इन दोनों राशियों को कामदा एकादशी के दिन चावल, दूध, दूध से बनी चीजों, सफेद वस्त्रों का दान करना चाहिए। इन चीजों का दान करने से इनके जीवन में बहुत अच्छे बदलाव आते हैं और विष्णु-लक्ष्मी की कृपा इन्हें प्राप्त होती है।
मिथुन और कन्या राशि
बुध के स्वामित्व वाली मिथुन और कन्या राशि वालों को कामदा एकादशी के दिन विवाहित महिलाओं को सुहाग का सामान उपहार के रूप में देना चाहिए। इसके साथ ही गाय को हरा चारा, हरे रंग के वस्त्र और हरी चुड़ियों का दान करने से भी आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
कर्क और सिंह राशि
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और इस राशि के लोगों को दूध से बनी चीजें, लस्सी, दही आदि का दान करना चाहिए। वहीं सूर्य के स्वामित्व वाली सिंह राशि के जातकों को लाल फल, गुड़, लाल वस्त्र आदि का दान कामदा एकादशी के दिन पर करना चाहिए।
धनु और मीन राशि
गुरु के स्वामित्व वाली धनु और मीन राशि के जातकों को कामदा एकादशी के शुभ दिन पर पीली चीजों का दान करना चाहिए। आप केला, पीले वस्त्र, पीली दाल का दान कर सकते हैं। इसके साथ ही पुस्तक या शिक्षा से जुड़ी चीजों का दान करने से भी आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
मकर और कुंभ राशि
शनि के स्वामित्व वाली मकर और कुंभ राशि वालों को काले तिल, छाता, चप्पल, काले कपड़े और धन का दान कामदा एकादशी के दिन करना चाहिए। इन चीजों का दान करने से आपके जीवन में अच्छे बदलाव आते हैं और आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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