Mauni Amavasya 2023: माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार जो पुण्यफल किसी व्यक्ति को करोड़ स्नान-दान करने के बाद मिलता है, वह इस योग में केवल एक बार किसी तीर्थ स्थल पर या पवित्र नदी में स्नान करने से ही प्राप्त हो जाता है। मौनी अमावस्या के दिन स्नान-दान का बड़ा ही महत्व है। स्नान-दान का सबसे ज्यादा महत्व सुबह के समय होता है। मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन व्रत रखने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और पुण्य फलों की प्राप्ति होती है, पितर प्रसन्न होते हैं और पितरों के आशीर्वाद से सारे काम पूरे होते हैं। इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान जरूर करना चाहिए आगर ऐसा ना कर सके तो घर में ही स्नान के पानी में गंगा जल डाल कर स्नान करना चाहिए है और पितृ तर्पण करने के लिए नदी या घर में स्नान करके सूर्य को अर्घ्य देकर पितरों का तर्पण करना चाहिए।
मौनी अमावस्या के दिन किसी गरीब या ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए और जरूरतमंदों को दान करना चाहिए। गरुड़ पुराण में कहा गया है कि अमावस्या के दिन पितर अपने वंशजों से मिलने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर पवित्र नदी में स्नान, दान व पितरों को भोजन अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं। इस दिन पितरों का श्राद्ध करने और कुछ उपाय करने से आपकी बहुत-सी समस्याओं का हल निकलेगा। ऐसे में आइए जानते हैं मौनी अमावस्या के दिन किए जाने वाले कुछ खास उपायों के बारे में।
इस साल बन रहा अद्भूत संयोग
इस साल मौनी अमावस्या 21 जनवरी दिन शनिवार को पड़ रही है। ऐसे में यह शनिचरी अमावस्या होगी। मौनी अमावस्या और शनिचरी अमावस्या दोनों एक दिन होने की वजह से इसका महत्व कई गुना अधिक बढ़ जाता है।
मौनी अमावस्या के दिन करें ये उपाय
डिस्क्लेमर - ये आर्टिकल जन सामान्य सूचनाओं और लोकोक्तियों पर आधारित है। इंडिया टीवी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता।
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