Vaishakh Amavasya 2025: आज यानी कि 27 मई को वैशाख माह की अमावस्या है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान करना पुण्यकारी माना जाती है। इसके अलावा अमावस्या के दिन पितरों का पिंडदान और तर्पण भी किया जाता है। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है साथ ही पूर्वजों को मोक्ष मिलता है। अमावस्या के दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, सूर्य देव और पितृ देवताओं की पूजा की जाती है। साथ ही अमावस्या के दिन इन मंत्रों का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि, संपन्नता और खुशहाली का आगमन होता है। तो आइए जानते हैं कि अमावस्या के दिन किन मंत्रों का जाप करना चाहिए।
वैशाख अमावस्या के दिन इन मंत्रों का करें जाप
- ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि। शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्।
- ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:।
- ॐ पितृ देवतायै नम:
- ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्।
- गोत्रे अस्मतपिता (पितरों का नाम) शर्मा वसुरूपत् तृप्यतमिदं तिलोदकम गंगा जलं वा तस्मै स्वधा नमः, तस्मै स्वधा नमः, तस्मै स्वधा नमः।
वैशाख अमावस्या का महत्व
शास्त्रों में वैशाख महीने की अमावस्या को स्नान-दान करने का बहुत ही महत्व बताया गया है। इस दिन किसी तीर्थ स्थल पर स्नान-दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। लेकिन किसी कारण वश आप तीर्थ स्थल पर जाने में असमर्थ है तो घर पर ही नहाने के पानी थोड़ा-सा गंगाजल मिलाकर स्नान करने के पश्चात कुछ-न-कुछ दान अवश्य करें। इससे भी आपको पुण्य फलों की प्राप्ति होगी। साथ ही अमावस्या के दिन एक लोटे में जल भरकर, उसमें गंगाजल, थोड़ा-सा दूध, चावल के दाने और तिल डालकर दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके पितरों का तर्पण करना चाहिए। इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
अमावस्या के दिन इन चीजं का करें दान
- अन्न
- धन
- वस्त्र
- चावल
- घड़ा या मटका
- पंखा
- जल
- फल
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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