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बौद्ध तीर्थ स्थलों को लेकर बजट में बड़ी घोषणा, बोध गया सहित इन स्थानों का भी होगा विकास

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Feb 01, 2025 01:39 pm IST,  Updated : Feb 01, 2025 01:43 pm IST

बौद्ध तीर्थ स्थलों के विकास को लेकर बजट 2025 में बड़ी घोषणा की गई है। आइए जानते हैं इस घोषणा से किन स्थानों का विकास किया जाएगा।

Buddha Sthal- India TV Hindi
बुद्ध स्थल Image Source : SOCIAL

बौद्ध धर्म के अनुयायी भारत समेत दुनिया के कई देशों में हैं। जापान, वियतनाम, थाईलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया, मलेशिया, लाओस, सिंगापुर उन देशों में शामिल हैं जहां बौद्ध धर्म को मानने वालों की जनसंख्या बहुत अधिक है। इन देशों से लाखों की संख्या में लोग हर साल भारत आते हैं, और बौद्ध स्थलों के दर्शन करते हैं। इसलिए पर्यटन को ध्यान में रखते हुए 2025 के बजट में भारत के बौद्ध स्थलों को विकसित करने को लेकर बड़ी पहल हुई है। 

बजट में किया गया बड़ा ऐलान 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारणण ने कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुद्ध सर्किट को विकसित करने पर जोर देगी। बोध गया को विकसित करने की भी उन्होंने बात कही। बुद्ध सर्किट में कई बौद्ध स्थल आते हैं जिनका विकास अब सरकार द्वारा किया जाएगा। बुद्ध सर्किट में कौन-कौन से प्रमुख स्थल आते हैं आइए अब इस बारे में जानते हैं।  

बोध गया 

बिहार में स्थित बोध गया वह स्थान है जहां गौतम बुद्ध को बौधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। 

सारनाथ

यह वह स्थान है जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद पहला उपदेश दिया था। 

कुशीनगर 

कुशीनगर उत्तर प्रदेश का एक जिला है, यहां भगवान बुद्ध को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था। 

राजगीर 

बिहार में स्थित इस स्थान में गौतम बुद्ध ने कई शिक्षाएं दी थीं। 

वैशाली 

यह एक प्रमुख तीर्थ स्थल होने के साथ ही भगवान महावीर का जन्मस्थल भी है। 

श्रावस्ती 

नेपाल सीमा का पास बसे इस नगर में गौतम बुद्ध ने कई वर्षों तक निवास किया था। 

सांची

मध्य प्रदेश में स्थित सांची में बौद्ध धर्म के कई धार्मिक स्थल, मंदिर, मूर्तियां और स्तूप आदि हैं। 

अमरावती 

महाराष्ट्र में स्थित अमरावती भी बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्रों में से एक है। सम्राट अशोक ने यहां एक बौद्ध मठ और स्तूप का निर्माण करवाया था। 

नागार्जुनकोंडा 

तेलंगाना राज्य में स्थित यह स्थान दक्षिण भारत के बौद्ध गुरु नागार्जुन के नाम से है। 

भारत में बौद्ध धर्म के ये वो प्रमुख स्थान हैं जहां देश-विदेश के कई पर्यटक हर साल पहुंचते हैं। बुद्ध सर्किट के विकास होने के बाद इन स्थानों पर पहुंचना, यहां ठहराना भी काफी आसान हो जाएगा। विदेशी पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए यहां विकास भी उसी तरीके से किया जा सकता है। 

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