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Chaitra Navratri 2026 7th Day: नवरात्रि के सातवें दिन करें इस स्त्रोत और कवच का पाठ, मां कालरात्रि की बरसेगी कृपा

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Mar 24, 2026 11:09 pm IST,  Updated : Mar 24, 2026 11:09 pm IST

Chaitra Navratri 2026 7th Day: 25 मार्च को चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन है, जिसे महासप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। देवी कालरात्रि की आराधना करने से समृद्धि, संपन्नता और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।

चैत्र नवरात्रि 2026- India TV Hindi
चैत्र नवरात्रि 2026 Image Source : PEXELS

Chaitra Navratri 2026 7th Day: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की उपासना की जाती है।  बता दें कि जब माता पार्वती ने शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज का वध करने के लिए अपने स्वर्णिम वर्ण को त्याग दिया था, तब उन्हें कालरात्रि के नाम से जाना गया। मां कालरात्रि का वाहन गधा है और इनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें से ऊपर का दाहिना हाथ वरद मुद्रा में और नीचे का हाथ अभयमुद्रा में रहता है, जबकि बायीं ओर के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और निचले हाथ में खड़ग है। देवी मां का एक नाम शुंभकारी भी है। इनके स्मरण मात्र से ही भूत-पिशाच, भय और अन्य किसी भी तरह की परेशानी तुरंत दूर भाग जाती है। नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि के इस स्त्रोत और कवच का पाठ भी अवश्य करें। ऐसा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

मां कालरात्रि स्त्रोत

हीं कालरात्रि श्रीं कराली च क्लीं कल्याणी कलावती।

कालमाता कलिदर्पध्नी कमदीश कुपान्विता॥
कामबीजजपान्दा कमबीजस्वरूपिणी।
कुमतिघ्नी कुलीनर्तिनाशिनी कुल कामिनी॥
क्लीं ह्रीं श्रीं मन्त्र्वर्णेन कालकण्टकघातिनी।
कृपामयी कृपाधारा कृपापारा कृपागमा॥

कवच

ॐ क्लीं मे हृदयम् पातु पादौ श्रीकालरात्रि।
ललाटे सततम् पातु तुष्टग्रह निवारिणी॥
रसनाम् पातु कौमारी, भैरवी चक्षुषोर्भम।
कटौ पृष्ठे महेशानी, कर्णोशङ्करभामिनी॥
वर्जितानी तु स्थानाभि यानि च कवचेन हि।
तानि सर्वाणि मे देवीसततंपातु स्तम्भिनी॥

मां कालरात्रि की आरती

कालरात्रि जय जय महाकाली। काल के मुँह से बचाने वाली॥
दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा। महाचण्डी तेरा अवतारा॥
पृथ्वी और आकाश पे सारा। महाकाली है तेरा पसारा॥
खड्ग खप्पर रखने वाली। दुष्टों का लहू चखने वाली॥
कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब जगह देखूँ तेरा नजारा॥
सभी देवता सब नर-नारी। गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥
रक्तदन्ता और अन्नपूर्णा। कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥
ना कोई चिन्ता रहे ना बीमारी। ना कोई गम ना संकट भारी॥
उस पर कभी कष्ट ना आवे। महाकाली माँ जिसे बचावे॥
तू भी भक्त प्रेम से कह। कालरात्रि माँ तेरी जय॥

मां कालरात्रि मंत्र

  • या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
  • ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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