Chhath Maa Ke Geet (छठ मैया के गीत) Live: छठ पर्व का नाम आते ही दिल में एक अनोखी श्रद्धा और आस्था की लहर दौड़ जाती है। हर तरफ छठ के गीतों की गूंज सुनाई देने लगती है - “पहिले पहिल हम कईनी छठी मइया व्रत तोहार...”, “कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए...”, “केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके झुके...”। ये गीत केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि हर उस भाव का जीवंत चित्र हैं जो छठ व्रत को इतना खास बनाता है। इन गीतों के बिना छठ पर्व मानो अधूरा-सा लगता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय गूंजते ये लोकगीत पूरे वातावरण को भक्ति, उल्लास और उमंग से भर देते हैं। घाटों पर व्रती जब एक सुर में छठी मइया की स्तुति करते हैं, तो वह दृश्य न केवल मन को भक्ति से भर देता है बल्कि यह एहसास कराता है कि लोक संगीत हमारी परंपराओं की आत्मा है। यहां आप देखेंगे छठ के सदाबहार गीतों के लिरिक्स।
पहिले पहिल हम कईनी (Sharda Sinha Chhath Geet)
- पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहर,
- छठी मईया व्रत तोहर।
- करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार,
- भूल-चूक गलती हमार।
- गोदी के बलकवा के दिहा, छठी मईया ममता-दुलार,
- छठी मईया ममता-दुलार।
- पिया के सनईहा बनईहा, मैया दिहा सुख सार,
- मैया दिहा सुख सार।
- नारियल केरवा घवदवा, साजल नदिया किनार,
- साजल नदिया किनार।
- सुनिहा अरज छठी मैया, बढ़े कुल परिवार,
- बढ़े कुल परिवार।
- घाट सजवली मनोहर, मैया तोरा भगती अपार,
- मैया तोरा भगती अपार।
- लिहि ए अरग हे मैया, दिहीं आशीष हजार,
- दिहीं आशीष हजार।
- पहिले पहिल हम कईनी, छठीमैया बरत तोहर,
- छठीमैया व्रत तोहर।
- करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार
- भूल-चूक गलती हमार, भूल-चूक गलती हमार।
हो दीनानाथ छठ पूजा गीत (Ho Deenanath Chhath Puja Songs)
- सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ
- हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार
- सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ
- हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार
- आन दिन उगइ छा हो दीनानाथ
- आहे भोर भिनसार, आहे भोर भिनसार
- आजू के दिनवा हो दीनानाथ
- हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर
- बाट में भेटिए गेल गे अबला
- एकटा अन्हरा पुरुष, एकटा अन्हरा पुरुष
- अंखिया दियेते गे अबला
- हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर
- बाट में भेटिए गेल गे अबला
- एकटा बाझिनिया, एकटा बाझिनिया
- बालक दियेते गे अबला
- हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर