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Dev Uthani Ekadashi 2024: देवउठनी एकादशी क्यों मनाई जाती है? इस दिन क्या कार्य करने से मिलते हैं शुभ फल, जानें

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Nov 12, 2024 11:06 am IST,  Updated : Nov 12, 2024 11:06 am IST

देवउठनी एकादशी का व्रत क्यों रखा जाता है और इस दिन क्या कार्य करने से भक्तों को लाभ प्राप्त होते हैं, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

Dev Uthani Ekadashi 2024- India TV Hindi
देवउठनी एकादशी 2024 Image Source : INDIA TV

Dev Uthani Ekadashi 2024: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का बड़ा महत्व है। इस दिन भागवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। हर साल शुक्ल और कृष्ण पक्ष को मिलाकर कुल 24 एकादशी तिथियां आती हैं। इनमें से देवउठनी एकादशी को बेहद शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। साल 2024 में देवउठनी एकादशी 12 नवंबर को है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की इस देवउठनी एकादशी तिथि को इतना खास क्यों माना जाता है, क्यों ये एकादशी तिथि मनाई जाती है और इस दिन क्या कार्य करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 

इसलिए मनाई जाती है देवउठनी एकादशी

देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु 4 महीने की योगनिद्रा के बाद जागते हैं और इसके बाद शुभ-मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन से सभी शुभ कार्य, विवाह, मुंडन, गृहप्रवेश आदि की शुरुआत की जाती है जो देवशयन एकादशी (चातुर्मास) के समय रुके रहते हैं। इसलिए इस एकादशी को बेहद खास माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु के निमित्त व्रत रखते हैं, उनकी पूजा करते हैं और खुशियां मनाते हैं। 

देवउठनी एकादशी के लाभ

प्रबोधिनी एकादशी के दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। माना जाता है कि, इस दिन व्रत रखने से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। देवउठनी एकादशी के बाद से विवाह के मुहूर्त खुल जाते हैं। जिन परिवारों में विवाह की योजना होती है, वे इस दिन भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जिससे भावी दंपति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी की पूजा करने से परिवार के लोगों को सुख-शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस दिन तुलसी विवाह का आयोजन होता है, जिसमें तुलसी (माता) का विवाह भगवान विष्णु के रूप शालिग्राम से किया जाता है। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है।

देवउठनी एकादशी के दिन ये कार्य करने से मिलेंगे शुभ फल

  • इस दिन प्रातः काल स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करने और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से घर में मौजूद हर प्रकार की नकारात्मकता का नाश होता है।
  • इस दिन घर में तुलसी विवाह का आयोजन करना चाहिए, ऐसा करना विवाहित लोगों के लिए भी और जिनका विवाह होने वाला है उनके लिए भी बेहद शुभ माना जाता है।
  • देवउठनी एकादशी के दिन उपवास रखने से और ब्रह्मचर्य का पालन करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा आप पर बरसती है। 
  • प्रबोधिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करते हुए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आपको मानसिक, शारीरिक और आत्मिक शांति का अनुभव होता है। 
  • संध्या को दीप प्रज्वलित करके देवताओं का ध्यान करें और भजन-कीर्तन करें। पारिवारिक और सामाजिक सामंजस्य के लिए ऐसा करना शुभ होता है। 
  • देवउठनी एकादशी के दिन व्रत का पालन करने से धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं, और ऐसा करना व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।) 

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