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Jyeshtha Adhik Purnima 2026: 30 या 31 मई? जानें कब रखें ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा व्रत और कब करें स्नान-दान, दूर करें कन्फ्यूजन

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : May 29, 2026 07:40 am IST,  Updated : May 29, 2026 07:40 am IST

Jyeshtha Adhik Purnima 2026: पंचांग के अनुसार अधिक मास की पूर्णिमा तिथि दो दिन बटने के कारण लोग असमंजस में हैं कि व्रत किस दिन रखा जाए और पवित्र स्नान और दान कब किया जाएगा। यहां हम आपकी इसी उलझन को दूर करेंगे।

jeth purnima 2026- India TV Hindi
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 Image Source : INDIA TV

Jyeshtha Adhik Purnima 2026: अधिक मास की पूर्णिमा तिथि 30 मई 2026 की सुबह 11 बजकर 57 मिनट से शुरू होकर 31 मई की दोपहर 2 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। दो दिन पूर्णिमा होने के कारण ही लोग इस दुविधा में हैं कि किस दिन पूर्णिमा व्रत रखें तो स्नान-दान कब करें। बता दें पूर्णिमा के दिन व्रत रखने और स्नान-दान करने का विशेष महत्व माना जाता है और जब बात अधिक पूर्णिमा की हो तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। चलिए ऐसे में जानते हैं कि अधिक पूर्णिमा व्रत किस दिन रखा जाएगा और स्नान-दान के लिए 30 या 31 मई कौन सा दिन उत्तम रहेगा।

पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का सही समय 2026

सबसे पहले यहां ये समझना जरूरी है कि पूर्णिमा तिथि कब से कब तक रहेगी

  • पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 30 मई 2026, शनिवार को सुबह 11:57 बजे से
  • पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 31 मई 2026, रविवार को दोपहर 02:14 बजे तक

ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का व्रत कब रखें?

ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का व्रत 30 मई 2026, शनिवार को रखा जाएगा। चूंकि पूर्णिमा के व्रत में चंद्र दर्शन का महत्व होता है इसलिए ही ये व्रत 31 की जगह 30 तारीख को रखा जाएगा। बता दें 30 मई को पूर्णिमा तिथि पूरी रात रहेगी। ऐसे में इसी दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना और रात में चंद्र देव की पूजा करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा।

अधिक पूर्णिमा का स्नान और दान किस दिन करें? 

अधिक पूर्णिमा का स्नान-दान 31 मई 2026 को किया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार पवित्र नदियों में स्नान के लिए उदया तिथि सर्वश्रेष्ठ होती है और अधिक पूर्णिमा की उदया तिथि 31 मई को है। ऐसे में पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान, पितरों के लिए तर्पण और दान-पुण्य के कार्य 31 मई 2026 को किए जाएंगे।

अगर नदी स्नान संभव न हो तो क्या करें?

अगर पूर्णिमा के दिन नदी स्नान संभव न हो तो आप घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इससे भी आपको पुण्य की प्राप्ति होगी।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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