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Nautapa 2025: नौतपा मई में इस दिन से होगा शुरू, जानें क्या है इन नौ दिनों का महत्व

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : May 21, 2025 01:11 pm IST,  Updated : May 22, 2025 09:10 am IST

Nautapa 2025: नौतपा के दौरान सूरज का ताप बढ़ जाता है। हर साल नौतपा के नौ दिनों को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2025 नौतपा कब से शुरू है और इसका क्या महत्व है, आइए जानते हैं।

Nautapa 2025- India TV Hindi
नौतपा 2025 Image Source : FILE IMAGE

Nautapa 2025: नौतपा हर वर्ष ज्येष्ठ माह में शुरू होता है। ये नौ दिनों की अवधि मानी जाती है जब गर्मी उफान पर होती है। सूर्य ग्रह के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद नौतपा शुरू होता है। वहीं इसकी समाप्ति तब होती है जब सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर जाते हैं। हालांकि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद के शुरूआती 9 दिनों को ही नौतपा कहा जाता है। इसलिए नौतपा की समाप्ति 3 जून को होगी। साल 2025 में नौतपा कब से शुरू होगा और इसका धार्मिक महत्व क्या है, आइए विस्तार से जानते हैं। 

नौतपा कब से शुरू है?

नौतपा की शुरूआत 2025 में 25 मई से होगी। इसी दिन सूर्य ग्रह सुबह लगभग 3 बजकर 26 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर जाएं। 8 जून तक सूर्य इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होते हैं तो सूर्य की किरणें सीधी धरती पर गिरती हैं जिससे गर्मी बढ़ जाती है। 

नौतपा का महत्व

ज्योतिषीय दृष्टि से नौतपा के नौ दिन धार्मिक कार्यों के लिए बेहद शुभ होते हैं। इस दौरान गर्मी बहुत अधिक होती है इसलिए जल, शरबत, ठंडी तासीर की चीजों का दान करना इस दौरान शुभ होता है। इसके साथ ही पंखा, मटका, छाता आदि भी आप दान कर सकते हैं। इससे कुंडली में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है। इसके साथ ही माना जाता है कि नौतपा के दौरान अगर बारिश नहीं पड़ती तो नौतपा के बाद खूब बारिश होती है। वहीं नौतपा के दौरान बारिश गिर जाए तो आने वाले समय में बारिश की कमी हो सकती है। 

नौतपा के दौरान क्या करें क्या न करें

नौतपा के दिन आपको तामसिक चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इस दौरान लहसुन, प्याज, मदिरा आदि के सेवन से बचना चाहिए। इस दौरान सूर्य देव की आराधना करना शुभ होता है। इसके साथ ही तरल पदार्थों का दान और जरूरतमंदों की मदद करने से भी इस दौरान शुभ फलों की प्राप्ति आपको होती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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