Navratri Vastu Tips: नवरात्रि के 9 दिनों में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। मां की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मानसिक शांति की भी अनुभूति है। नवरात्रि के नौ दिनों में व्रत और पूजन के साथ ही वास्तु के कुछ उपाय भी आपके लिए कारगर साबित हो सकते हैं। ऐसे में आज वास्तु में मुख्यद्वार से जुड़े कुछ ऐसे उपायों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिन्हें करने से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं और माता का आशीर्वाद भी आपको प्राप्त होता है।
नवरात्रि में मुख्यद्वार पर बांधें वंदनवार
नवरात्रि के पहले दिन आपको घर के मुख्यद्वार पर वंदनवार बांधना चाहिए। धार्मिक और वास्तु की मान्यताओं के अनुसार घर के मुख्यद्वार पर बंधा वंदनवार जीवन में शुभ बदलाव लाता है। साथ ही नवरात्रि के दौरान ऐसा करने से माता दुर्गा की कृपा भी आप पर बरसती है। आजकल बाजार में आपको कई तरह के बंदनवार मिल सकते हैं लेकिन आम के पत्तों से बना वंदनवार ही सबसे शुभ माना जाता है, इसलिए आप भी आम के पत्तों से वंदनवार बनाकर घर के मुख्यद्वार पर स्थापित करें।
मुख्य द्वार पर रखें वंदनवार
नवरात्रि के दौरान अगर आप घर के मुख्यद्वार पर पानी का एक कलश रखते हैं तो शुभ फलों की आपको प्राप्ति होती है। नवरात्रि के दौरान घर मुख्यद्वार पर दायीं ओर को आपको यह कलश रखना चाहिए। अगर कलेश के नीचे आप अक्षत रखें तो शुभता और भी बढ़ जाती है। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि घर में इस्तेमाल होने वाले किसी लोटे से कलश न बनाएं बाजार से नया कलश खरीदकर लाएं और उसे घर के मुख्य द्वार पर रखें। मुख्य द्वार पर कलश रखने से माता दुर्गा तो प्रसन्न होती ही हैं साथ ही शुक्र और चंद्रमा की स्थिति भी कुंडली में सुधरती है।
मुख्य द्वार पर बनाएं स्वस्तिक का चिह्न
स्वस्तिक के चिह्न को हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना गया है। स्वस्तिक शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक भी है। नवरात्रि के दौरान घर के दरवाजे पर स्वास्तिक का चिह्न आप बनाते हैं तो आपके घर में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही माता दुर्गा के आशीर्वाद से आपको करियर और आर्थिक क्षेत्र में भी शुभ फल प्राप्त होते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें: