Rog Panchak 2026: हिंदू धर्म में पंचक काल को अशुभ समय माना गया है। इस दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। पंचक में मांगलिक कार्य करने से शुभ परिणाम नहीं मिलते हैं। पंचक हर माह में आता है, जो कि पूरे 5 दिनों तक रहता है। मई 2026 में पंचक की शुरुआत 10 मई से हो रही है। यह रोग पंचक है जो कि शुभ नहीं माना गया है। आपको बता दें कि जब पंचक का आरंभ रविवार से होता है तो उसे रोग पंचक कहा जाता है। रोग पंचक इन 3 राशियों के लिए बेहद ही अशुभ रहेगा। इन राशि के जातकों को कई बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं कि वो राशियां कौनसी हैं।
पंचक के दौरान ये 3 राशियां बरतें सावधानी!
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वृषभ राशि- रोग पंचक के दौरान वृषभ राशि के जातक सर्तक रहे। अपने कीमती सामान को संभालकर रखें। घर में ही आपकी कीमती चीजें खो सकती हैं। वहीं यात्रा के दौरान भी चोरी होने की आशंका है। रोग पंचक के दौरान वृषभ राशि के जातक अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें वरना दवाईयों पर बेवजह पैसा खर्च हो सकता है।
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कन्या राशि- कन्या राशि वालों पर रोग पंचक का अशुभ प्रभाव देखने को मिलेगा। कीमती वस्तु कहीं खो सकती है। कोई आसपास का व्यक्ति ही चोरी कर सकता है। खासतौर से यात्रा के दौरान मोबाइल, लैपटॉप या गहनों को संभालकर रखें। वहीं रोग पंचक के कारण अचानक सेहत बिगड़ने से अस्पताल के खर्चों का बोझ बढ़ सकता है।
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मकर राशि- रोक पंचक के दौरान मकर राशि वाले सावधानी बरतें वरना आपकी कोई वस्तु जो पैसों से भी ज्यादा खास है खो सकती है या चोरी हो सकती है। वहीं कुछ लोग कुछ लोग नशे की हालत में कीमती सामान खो सकते हैं। यात्रा के दौरान अपने सामान का ध्यान रखें।
रोग पंचक के दुष्प्रभाव से बचने के लिए क्या उपाय करें
- पंचक के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए रोजाना हनुमान चालीसा पढ़ें।
- इसके अलावा गायत्री मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से आपको मानसिक शांति मिलेगी।
- कीमती सामान को सुरक्षित लॉकर में रखें और यात्रा के दौरान अनावश्यक जोखिम न लें।
- रोग पंचक के दौरान शारीरिक कष्ट बढ़ने की संभावना अधिक रहती है इसलिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। यह अकाल मृत्यु और बीमारियों के भय को दूर करता है।
- पंचक में दक्षिण की यात्रा करने से बचना चाहिए। लेकिन अगर बहुत जरूर है तो घर से निकलने से पहले हनुमान जी के मंदिर में आटे का पंचमुखी दीपक जलाएं। इससे दुर्घटनाओं का योग टल जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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