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Parshuram Jayanti 2026: 19 अप्रैल को मनाई जाएगी भगवान परशुराम की जयंती, नोट कर लें पूजा का शुभ मुहूर्त

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Apr 11, 2026 05:33 pm IST,  Updated : Apr 11, 2026 05:33 pm IST

Parshuram Jayanti 2026 Shubh Muhurat: परशुराम जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। साल 2026 में यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व है। जानिए इस दिन पूजन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

परशुराम जयंती 2026 पूजा शुभ मुहूर्त- India TV Hindi
Parshuram Jayanti 2026 shubh Muhurat Image Source : INDIA TV

Parshuram Jayanti 2026 Shubh Muhurat: इस साल परशुराम जयंती 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। परशुराम जयंती पर विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इससे व्यक्ति के अंदर साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है। साथ ही मन को शांति और स्थिरता भी प्राप्त होती है। यहां जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि। 

परशुराम जयंती की सही तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हुआ था, जिसे अक्षय तृतीया भी कहा जाता है। साल 2026 में तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर होगी और इसका समापन 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 27 मिनट पर होगा। चूंकि, भगवान परशुराम का जन्म प्रदोष काल में हुआ था, इसलिए उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए इस बार परशुराम जयंती 19 अप्रैल को ही मनाई जाएगी।

पूजा का शुभ मुहूर्त

द्रिक पंचांग के अनुसार, 19 अप्रैल को शाम 6 बजकर 49 मिनट से रात 8 बजकर 12 मिनट तक पूजा का शुभ समय रहेगा। इस दौरान भगवान परशुराम की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।

परशुराम जयंती पर कैसे करें पूजा

  • सबसे पहले घर में साफ जगह पर एक चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं।
  • भगवान परशुराम की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
  • गंगाजल या साफ जल छिड़ककर स्थान को पवित्र करें।
  • भगवान को तिलक लगाएं और अक्षत अर्पित करें।
  • फूल या माला चढ़ाएं और दीपक जलाएं।
  • फल, मिठाई या नारियल का भोग लगाएं।
  • परशुराम स्तुति या मंत्रों का जाप करें।
  • अंत में आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें।
  • पूजा के बाद प्रसाद को परिवार और अन्य लोगों में बांटें।

परशुराम जयंती का महत्व

भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है, जिन्होंने अन्याय और अधर्म के खिलाफ युद्ध किया। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से साहस, पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। साथ ही अक्षय तृतीया होने के कारण इस दिन किए गए पुण्य कार्यों का फल कभी नष्ट नहीं होता।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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