Pashupati Vrat Vidhi: सनातन धर्म में पशुपति व्रत का विशेष महत्व माना गया है। ये व्रत किसी भी सोमवार से शुरू किया जा सकता है। कहते हैं इस व्रत को रखने से मनुष्य की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा जी के अनुसार यदि कोई भक्त लगातार 5 सोमवार तक श्रद्धापूर्वक पशुपति व्रत रखे तो उसे अत्यंत शुभ फल प्राप्त होते हैं। ये व्रत जीवन के हर प्रकार के कष्टों को दूर कर देता है। चलिए जानते हैं इस व्रत की विधि, सामग्री लिस्ट और नियम।
पशुपति व्रत सामग्री लिस्ट (Pashupati Vrat Samagri List)
- बिल्वपत्र
- जल/गंगाजल
- चंदन
- अक्षत
- धूप-दीप
- मौसमी फल और सफेद मिठाई
- दूध
- दही
- शहद
- घी
- शक्कर
पशुपति व्रत विधि (Pashupati Vrat Vidhi)
- पंडित प्रदीप मिश्रा जी कहते हैं कि यदि कोई विशेष समस्या हो जो आप किसी को बता नहीं सकते या जीवन में बहुत कष्ट हो रहा है तो 5 सोमवार पशुपति व्रत कर लें।
- ये व्रत आप किसी भी सोमवार से शुरू कर सकते हैं।
- व्रत वाले दिन भगवान शिव का अभिषेक पूजन करने के लिए सुबह मंदिर जाएं।
- सुबह के समय फलाहार करें या कोई भी मीठा व्रत वाला भोजन करें।
- फिर शाम के समय घर से घी के 6 दीपक लेकर जाएं। साथ में कुछ मीठा बनाकर रख लें।
- भगवान शिव के मंदिर में जाकर मीठे के तीन हिस्से कर दें।
- दो हिस्से मंदिर में रख दें और एक हिस्सा अपने साथ घर लेकर आना है।
- जो 6 दिए लेकर गए हैं उनमें से 5 दिए पशुपतिनाथ भगवान का नाम लेकर भगवान शंकर के सामने जला दें। इस दौरान अपनी मनोकामना भी कहें।
- इसके बाद बचा हुआ एक दीया घर के प्रवेश द्वार के बाहर की तरफ दाईं ओर जलाकर रख दें।
- जब शाम में भोजन करें तो जिस भोग के आपने तीन हिस्से किए थे उसमें से जो एक हिस्सा घर लेकर आए हैं उसे भोजन के साथ खा लें।
- इस बात का ध्यान रखें कि शाम में जो आप भोजन कर रहे हैं वो मीठा होना चाहिए। इस दिन नमक का सेवन नहीं किया जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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