Rajyog In Kundali: ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे राजयोग बताए गए हैं जो कुंडली में रहता है तो व्यक्ति हमेशा राजा जैसी जिंदगी जीता है। उसे कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। ऐसे ही शश राजयोग व्यक्ति को रंक से राजा बना सकता है। 'शश राजयोग' से व्यक्ति को धन, वैभव का अथाह लाभ मिलता है। तो आइए जानते हैं कि कुंडली में शश राजयोग होने से व्यक्ति को क्या-क्या लाभ मिलते हैं। साथ ही जानेंगे कि आपकी कुंडली में शश राजयोग है ये कैसे पता चलता है।
शश राजयोग कैसे बनता है?
ज्योतिष के अनुसार, जब कुंडली में शनि देव अपनी स्वंय की राशि मकर या कुंभ में हो या अपनी उच्च राशि तुला) में होकर केंद्र भावों प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव में स्थित होते हैं, तब 'शश राजयोग' का निर्माण होता है।
कुंडली में शश राजयोग होने पर क्या-क्या लाभ होता है?
- जिसकी भी कुंडली में शश राजयोग रहता है उस व्यक्ति पर शनि देव की विशेष कृपा रहती है। व्यक्ति अनुशासित, धैर्यवान और दीर्घायु होता है।
- कुंडली में शश राजयोग होने पर व्यक्ति को अपार ध-दौलत की प्राप्ति होती है। जमीन-जायदाद भी खूब रहता है।
- शश राजयोग होने पर व्यक्ति को समाज में काफी मान-सम्मान मिलता है।
- जिस भी व्यक्ति की कुंडली में शश राजयोग रहता है वो राजनीति, न्याय व्यवस्था या बड़े व्यापारिक संगठनों में उच्च पद प्राप्त करता है।
- शश राजयोग वाले लोगों में भरपूर आत्मविश्वास रहता है। इनके नेतृत्व की क्षमता भी अच्छी रहती है।
- ऐसे लोग जीवन में कई बड़े फैसले लेते हैं, जिनका भविष्य में अच्छा लाभ मिलता है।
शश राजयोग की पहचान
सबसे पहले शनि की स्थिति देखनी होती है। जैसे- शनि किस राशि में बैठे हैं। इसके बाद किस भाव (घर) में बैठे है, उसकी डिग्री क्या है। इन तीनों ही चीजों का सही मेल जब बैठता है तब शश राजयोग बनता है। खासकर कुंभ राशि में 0 से 20 अंश तक का शनि मूल त्रिकोण माना जाता है, जो इस योग को और मजबूत बनाता है।
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