Surya Grahan Kab Hai: सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है जो तब घटित होती है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। जिससे सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए अवरुद्ध हो जाता है। सरल शब्दों में, जब चंद्रमा सूर्य को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है तब सूर्य ग्रहण लगता है। ऐसा हमेशा अमावस्या के दिन होता है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में होते हैं। ऐसी ही स्थिति 12 अगस्त 2026 में बनने जा रही है। इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। चलिए जानते हैं इस ग्रहण की पूरी डिटेल यहां।
सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। यहां के लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देख सकेंगे। यहां दिन में कुछ समय के लिए पूरी तरह से अंधेरा छा जाएगा। वहीं उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इस दिन आंशिक सूर्य ग्रहण दिखेगा। बता दें ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। वहीं 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा।
सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी
- ऐसी मान्यता है कि सूर्य ग्रहण वाले दिन गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि ग्रहण से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा का गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
- इसके अलावा ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को नुकीली चीजों जैसे- कैंची, चाकू, सुई इत्यादि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर के खिड़की दरवाजे भी बंद करने देने चाहिए जिससे सूर्य की किरणें उन तक न पहुंचे।
- सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को ईश्वर का ध्यान करना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा आएगी।
- इस दिन मंत्रों का जप करना भी शुभ माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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