नयी दिल्ली। प्रशासकों की समिति ने आज निर्देश जारी करके बीसीसीआई के वर्तमान पदाधिकारियों की सभी शक्तियां वापस ले ली और सभी समितियों को भंग कर दिया। नये बीसीसीआई संविधान के प्रभावी होने पर सीओए ने पुराने संविधान को खत्म करार दिया।
कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी वित्तीय फैसलों पर आधिकारिक हस्ताक्षरकर्ता थे लेकिन अब केवल वैतनिक अधिकारियों जैसे सीईओ राहुल जोहरी, सीएफओ संतोष रंगनेकर, आईपीएल सीओओ हेमांग अमीन के पास ही अधिकार हैं।
दिलचस्प बात यह है कि महाप्रबंधक (क्रिकेट संचालन) सबा करीम को भी अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाया गया है। इस फैसले से बीसीसीआई में भी कई लोग हैरान हैं।
सीओए के निर्देश बीसीसीआई वेबसाइट पर अपलोड किये गये हैं। इनमें कहा गया है, ‘‘बीसीसीआई के सभी कामकाज नये संविधान तथा उच्चतम न्यायालय के फैसलों और आदेशों के अनुसार होंगे।’’