Viral Video : एक IKEA स्टोर का वीडियो इन दिनों काफी वायरल हो रहा है। वीडियो हैदराबाद का बताया जा रहा है जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। वीडियो में ग्राहक डिस्प्ले पर रखे फर्नीचर पर आराम करते और लेटते हुए दिखाई दे रहे हैं। शोरूम के अंदर एक सामान्य क्षण के रूप में शुरू हुआ यह दृश्य अब ऑनलाइन यूजर्स को प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर रहा है, कुछ इसे सामान्य ग्राहक व्यवहार बता रहे हैं, जबकि अन्य सार्वजनिक स्थानों में अपेक्षित शिष्टाचार पर सवाल उठा रहे हैं।
वायरल हो रहा वीडियो
इस वीडियो को एक्स पर @mssakshinarula नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में दुकान के अंदर खरीदारी करने वाले लोग सोफे, बिस्तर और कुर्सियों पर आराम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। मूल पोस्ट पर कमेंट्स बंद थे। लेकिन क्लिप जल्द ही X सहित अन्य प्लेटफार्मों पर फैल गई, जहां यूजर्स ने इसे दोबारा साझा किया और तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न हुईं।
आराम बनाम सिविक सेंस
X पर इस क्लिप को दोबारा पोस्ट करते हुए लिखा गया, 'सिविक सेंस की स्पष्ट कमी के अलावा, यह हमारी आबादी की अस्वस्थता को भी दर्शाता है। ऐसा तब होता है जब लोग उच्च कार्बोहाइड्रेट और चीनी युक्त आहार का सेवन करते हैं और व्यायाम नहीं करते। अधिकांश भारतीय तो रोजाना पैदल भी नहीं चलते।'
सिविक सेंस वाले दावे को यूजर्स ने किया खारिज
कमेंट सेक्शन देखते ही देखते दो स्पष्ट गुटों में बंट गया। कुछ यूजर्स का मानना था कि सार्वजनिक शोरूम में ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है, जबकि अन्य ने इसे सामान्य उपभोक्ता व्यवहार बताकर इसका बचाव किया। एक यूजर ने लिखा, 'यह बिल्कुल गलत है। दुनिया भर में IKEA के सभी स्टोरों में लोग आराम की जांच करने के लिए इसी तरह बैठते हैं। खरीदने से पहले उत्पादों को परखने में कोई बुराई नहीं है। मैं मानता हूं कि भारत में नागरिक भावना की कमी है, लेकिन इस मामले में यह कोई मुद्दा नहीं है।'
दूसरे यूजर ने कहा, 'मैंने यह नजारा दिल्ली के आईकिया में भी देखा है। लोग सोफे और बिस्तरों पर बैठकर बातें कर रहे थे। लगता है उन्हें स्वच्छता और नागरिक बोध की कोई समझ नहीं है।'
तीसरे ने लिखा कि, 'इस वीडियो में कुछ भी गलत नहीं है। वे बस फर्नीचर खरीदने से पहले उसे परख रहे हैं। कोई भी व्यक्ति खरीदारी करने से पहले सोफे पर बैठकर देखेगा।'
कुछ लोगों ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'हो सकता है कि उन्होंने वे चीजें पहले ही खरीद ली हों, इसलिए वे बस आराम कर रहे हों।'
एक और आलोचनात्मक टिप्पणी में कहा गया, 'यह बिल्कुल सच है। हम मोटापे की महामारी की ओर बढ़ रहे हैं।'
एक अन्य यूजर ने लिखा, 'जब आप किसी बच्चे को अपने पसंदीदा फर्नीचर पर जूते पहनकर कूदते हुए देखेंगे, तब आपको आश्चर्य होगा। वे हर जगह हैं।'
कुछ लोगों ने स्टोर के डिजाइन पर भी प्रकाश डाला और कहा कि, 'आईकेईए जैसे बड़े वॉक-थ्रू आउटलेट्स में अक्सर पर्याप्त विश्राम स्थान नहीं होते हैं, खासकर बुजुर्ग खरीदारों और बच्चों के लिए, जिसके कारण लोग मजबूरी में प्रदर्शन वस्तुओं पर बैठ सकते हैं, न कि जानबूझकर।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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