नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका ने क्रिकेट, एथलेटिक्स, रग्बी और नेटबॉल में अश्वेत खिलाड़ियों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिलने का हवाला देते हुए इन महासंघों द्वारा किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी करने पर कम से कम एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है।
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खेल मंत्री फिकिले एमबालुला ने एक बयान में कहा, 'मुझे एथलेटिक्स दक्षिण अफ्रीका (एएसए), क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए), नेटबॉल दक्षिण अफ्रीका (एनएसए) और दक्षिण अफ्रीका रग्बी (एसएआर) को प्रतिबंधित करने के लिए मजबूर होना पड़ा है और वे अब बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी और दावेदारी नहीं कर पाएंगे।'
एमबालुला ने साथ ही कहा कि एथलेटिक्स और नेटबॉल महासंघों को वैश्विक टूर्नामेंट की दावेदारी करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। खेल मंत्री ने यह फैसला उस रिपोर्ट के बाद लिया है जिसमें कहा गया है कि पांच बड़े खेल महासंघों में से चार महासंघ अश्वेत खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके देने में विफल रहे हैं। इस फैसले से रग्बी महासंघ की 2023 रग्बी वर्ल्ड कप की दावेदारी करने की इच्छा को गहरा झटका लगा है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब ये महासंघ कम से कम एक साल के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की न तो मेजबानी कर पाएंगे और न ही उसके लिए दावेदारी कर पाएंगे। सरकार देश के सबसे अधिक लोकप्रिय खेलों में ज्यादा से ज्यादा अश्वेत खिलाड़ियों की भागीदारी चाहती थी लेकिन रंगभेद समाप्त होने के दो दशक से ज्यादा समय के बाद भी श्वेत खिलाड़ियों का ही एथलेटिक्स, क्रिकेट, नेटबॉल और रग्बी टीमों में बोलबाला है।
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