नई दिल्ली: दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर ने मीडिया में छपीं इन ख़बरों का ज़ोरदार खंडन किया है कि गत बुधवार को दिल्ली और झारखण्ड के बीच रणजी ट्रॉफ़ी क्वार्टर फ़ाइनल मैच के बाद दिल्ली के कप्तान ने धोनी की अनदेखी की और उनसे हाथ तक नहीं मिलाया।
गंभीर ने सोमवार को इन ख़बरों को ग़लत बताते हुए मीडिया को आड़े हाथों लिया और ट्वीट कर वो तस्वीर शेयर की जिसमें दोनों बक़ायदा हाथ मिलाते नज़र आ रहे हैं। गंभीर ट्वीट में लिखा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और भारत के प्रधानमंत्री मोदी के हाथ मिलाने से कहीं ज़्यादा इस हेंडशैक ने मीडिया में सुर्ख़ियां बटोरी! मीडिया समझदार बनो, तथ्यों की जांच-पड़ताल करो!

एक दूसरे ट्वीट में गंभीर ने लिखा " और ये मीडिया में मेरे दोस्तों के लिये: क्वार्टर फ़ाइनल में हमारी जीत के बाद धोनी और मेरी हाथ मिलाते हुए तस्वीर।

मीडिया में दिल्ली और झारखंड के बीच रणजी ट्राफी क्वार्टर फ़ाइनल मैच की रिपोर्ट से ज़्यादा चर्चा हो रही थी दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर और झारखण्ड के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बीच कथित कोल्डवार की जो मैच के बाद मैदान पर कथित रुप से देखी गई थी। ख़बरें थी कि मैच ख़त्म होने के बाद धोनी एक एक कर के सभी दिल्ली के खिलाड़ियों से हाथ मिला कर उनके खेल की प्रशंसा और उत्सावर्धन कर रहे थे, ठीक ऐसे ही समय जब गंभीर और धोनी का आमना सामना हुआ तो गंभीर ने रुखा व्यवहार दिखाया और धोनी की अनदेखी करते हुए उनसे बिना हाथ मिलाए आगे निकल गए।
टीम इंडिया के ओपनर बल्लेबाज़ गौतम गंभीर काफी समय से टेस्ट और वनडे टीम से बाहर हैं और मीडिया में ऐसी भी ख़बरें छपती रही हैं कि धोनी और गंभीर के बीच अनबन की वजह से ही गंभीर का पत्ता साफ हो गया। युवराज सिंह भी काफी समय से टीम से बाहर हैं और उनके पिता योगराज सिंह ने इसके लिये धोनी को जिम्मेवार ठहराते हुए ये तक कह दिया था कि अगर धोनी उनके सामने पड़ गए तो वे मार बैठेंगे।