धर्मशाला: श्रीलंका के खिलाफ धर्मशाला में तेज गेंदबाजी की अनुकूल पिच पर अजिंक्य रहाणे की तकनीक की कमी खली लेकिन भारत के कार्यवाहक कप्तान रोहित शर्मा ने स्वीकार किया कि उन्हें टीम में जगह देना मुश्किल था, क्योंकि टीम प्रबंधन उन्हें 50 ओवर के प्रारूप में विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज समझता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार 4 अर्धशतक जड़ने वाले रहाणे को रविवार को श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। श्रेयश अय्यर ने तीसरे नंबर पर खेलते हुए डेब्यू किया जबकि मनीष पांडे पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। रोहित ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने श्रीलंका में स्पष्ट कर दिया था कि वह सलामी बल्लेबाज हैं और हम उनके बल्लेबाजी क्रम को बदलते नहीं रहना चाहते। अगर बल्लेबाजी क्रम बदलता रहे तो यह सभी के दिमाग पर असर डालता है।’
Related Stories
उन्होंने कहा, ‘हमने उनकी पहचान सलामी बल्लेबाज के रूप में की है और यही कारण है कि उन्हें बाहर बैठना पड़ा। हालांकि हम समझते हैं कि पिछली कुछ श्रृंखलाओं में उन्होंने रन बनाए हैं। लेकिन विदेशों में जाने से पहले हम पांडे, (केदार) जाधव, अय्यर जैसे खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच देना चाहते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि वे मौके का फायदा उठाएं।’ भारत को 38.2 ओवर में 112 रन पर ढेर करने के बाद श्रीलंका ने 20.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। महेंद्र सिंह धोनी (65) के अलावा भारत का कोई बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया और रोहित ने पूर्व भारतीय कप्तान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘धोनी ने कई बार इस तरह की स्थिति का सामना किया है और बार-बार खुद को साबित किया है। पहली बात तो मुझे यह समझ नहीं आता कि यह बात क्यों होती है कि वह हमारी योजनाओं का हिस्सा हैं या नहीं। उनके रन बनाते ही सारी बातें बदल जाती हैं।’
इन्हीं तरह के हालात में दक्षिण अफ्रीका में होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले बल्लेबाजी का ध्वस्त होना क्या टीम के लिए चिंता की बात है, यह पूछने पर रोहित ने कहा, ‘यह वनडे टीम है, मुझे नहीं लगता कि कोई तुलना हो सकती है। टेस्ट टीम को भी कोलकाता में संघर्ष करना पड़ा था लेकिन इन हालात में कोई भी टीम संघर्ष करेगी।’ भारतीय बल्लेबाजी क्रम के ढहने का बचाव करते हुए रोहित ने कहा कि श्रीलंका के गेंदबाजों ने हालात का अच्छी तरह फायदा उठाया। उन्होंने कहा, ‘इस तरह के हालात में एक या दो बल्लेबाज की रन बनाते हैं, सभी बल्लेबाज रन नहीं बनाते। मुझे नहीं लगता कि हमने कोई खराब शॉट खेले लेकिन उन्होंने सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की और हमें दबाव में रखा। बल्लेबाजों को हमेशा खेलने के लिए मजबूर किया गया।’
जसप्रीत बुमराह के नोबाल पर उपुल थरंगा को आउट करने पर रोहित ने कहा कि भारत की हार का कारण यह नहीं था क्योंकि वैसे भी पर्याप्त रन नहीं बने थे। उन्होंने कहा, ‘हमने बल्ले से मैच गंवाया, गेंद से नहीं। किसी एक खिलाड़ी को निशाना बनाना अनुचित होगा, विशेषकर गेंदबाज को। मुझे लगता है कि बल्लेबाजी समूह के रूप में हम विफल रहे।’