दुबई। सचिन तेंदुलकर के जन्मदिन के अवसर पर आईसीसी ने उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों के लिए वोट डलवाएं जिसमें जिसमें शारजाह में खेली गयी 143 रन की पारी को सबसे ज्यादा वोट मिले। तेंदुलकर ने 1998 में त्रिकोणीय श्रृंखला के 22 अप्रैल को खेले गये मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह पारी खेली थी। भारत मैच हार गया था लेकिन उनकी इस पारी के दम पर वह फाइनल में पहुंचने में सफल रहा। उस दिन शारजाह में तूफान भी आया था और इसलिए तेंदुलकर की इस पारी को ‘डेजर्ट स्ट्रॉम’ के नाम से भी जाना जाता है।
तेंदुलकर ने अपनी 143 रन की पारी के दौरान 131 गेंदों का सामना किया तथा नौ चौके और पांच छक्के लगाये। इसे आज भी वनडे की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक गिना जाता है।
आईसीसी ने मतदान के नतीजों को घोषित करते हुए ट्वीट किया, ‘‘यह बेहद करीबी मुकाबला रहा लेकिन आखिर में तेंदुलकर की शारजाह में खेली गयी 143 रन की अविस्मरणीय ‘डेजर्ट स्ट्रॉम’ पारी को उनकी सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ वनडे पारी आंका गया।’’
उस पारी के बारे में तब वर्तमान भारतीय कोच रवि शास्त्री ने कहा था,‘‘मैंने अपने जीवन में कभी इतनी बढ़िया पारी नहीं देखी।’’
लेकिन इस पारी को पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप 2003 में सेंचुरियन में खेली गयी 98 रन की पारी से कड़ी चुनौती मिली। तेंदुलकर ने 12 चौकों और एक छक्के की मदद से यह पारी खेली और सईद अनवर के शतक को बेकार करके भारत को जीत दिलायी थी।
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इन दोनों पारियों के अलावा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2009 में हैदराबाद में खेली गयी 175 रन और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में नाबाद 200 रन भी उनकी शीर्ष चार पारियों में जगह बनाने में सफल रही।
तेंदुलकर ग्वालियर में खेली गयी पारी से वनडे में दोहरा शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे।
(With PTI Inputs)