किंगस्टन: वेस्टइंडीज ट्वेंटी20 टीम के कप्तान डेरेन सैमी ने अनुबंध विवाद का हल निकालने के लिए मध्यस्थता की मांग की है। इस विवाद के कारण वेस्टइंडीज के अगले महीने भारत में शुरू हो रहे विश्व टी20 जीतने की संभावना को नुकसान पहुंच सकता है।
वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड :डब्ल्यूआईसीबी: अपने इस रूख पर अड़ा हुआ है कि खिलाडि़यों को उस अनुबंध पर रविवार तक हस्ताक्षर करने होंगे जिसकी उन्हें पेशकश की गई है और नहीं तो उन्हें बदल दिया जाएगा। सैमी के रूख ने हालांकि समाधान के हल के दरवाजे खोल दिए हैं।
यह स्पष्ट संकेत हंै कि सैमी की अगुआई वाली 15 सदस्यीय टीम आठ मार्च से भारत में शुरू हो रही इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का बहिष्कार नहीं करना चाहती।
सैमी ने डब्ल्यूआईसीबी प्रमुख माइकल मुइरहेड को भेजे पत्र में लिखा, :ट्वेंटी20: टीम का कप्तान होने के नाते, मैं आशा करता हूं कि हम इस मामले को सुलझा लेंगे और टूर्नामंेट की तैयारी पर ध्यान लगा सकेंगे।
उन्होंने कहा, मैं खिलाडि़यों की ओर से कहना चाहता हूं कि हम खेलना चाहते हैं और अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता के अनुसार वेस्टइंडीज का प्रतिनिधित्व करैंगे।
इस 32 वर्षीय आलराउंडर ने कहा कि अगर बोर्ड मैच फीस को दोगुना करने :6900 डालर:, प्रायोजन फीस का 50 प्रतिशत उनके साथ बांटने और शत प्रतिशत इनामी राशि खिलाडि़यों के बीच बांटने के उनके आग्रह पर विचार नहीं करता है तो मध्यस्थता इस मामले को सुलझाने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है।
इससे पहले मुइरहेड ने पुष्टि की थी कि अगर क्रिस गेल और ड्वेन ब्रावो की मौजूदगी वाली मौजूदा टीम रविवार की समयसीमा तक अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं करती है तो पूर्व कप्तान क्लाइव लायड की अगुआई वाली डब्ल्यूआईसीबी चयन समिति को नयी टीम चुनने का अधिकार दिया गया है।
सैमी ने कहा कि बोर्ड के घमंड और अहंकार के कारण समस्या पैदा हो रही है। उन्हौंने कहा, आप खिलाडि़यों को बाध्य नहीं कर सकते कि एक ऐसी संस्था उनका प्रतिनिधित्व करती रहे जिसके वे सदस्य नहीं हैं और नहीं चाहते कि वह उनका प्रतिनिधित्व करे।
सैमी ने कहा कि टीम के 15 में से 14 खिलाड़ी वेस्टइंडीज खिलाड़ी संघ (डब्ल्यूआईपीए) के सदस्य नहीं है जो वेस्टइंडीज के खिलाडि़यों का प्रतिनिधित्व कर रही है।
ये भी पढ़ें:विश्व ट्वेंटी20 विवाद में रिचड्र्स ने वेस्टइंडीज के स्टार खिलाडि़यों का समर्थन किया