वेस्टइंडीज के गयाना में खेले गये टी20 सीरीज के तीसरे व अंतिम मैच में आख़िरकार टीम इंडिया में शामिल युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के बल्ले ने अपने आलोचकों को जवाब दिया। पंत ने इस मैच में कप्तान विराट कोहली के साथ मिलकर ना सिर्फ शतकीय साझेदारी निभाई बल्कि 42 गेंदों में 65 रन की पारी खेलकर नाबाद भी लौटें। जिसके चलते टीम इंडिया को आसानी से जीत हासिल हुई।
ऐसे में आईसीसी विश्व कप 2019 के बाद से लगातार गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट होने वाले पंत ने बीसीसीआई टी. वी. को दिए इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया कि वो आखिरकार इन सब चीज़ों से कैसे बाहर आए। रोहित शर्मा जब बीसीसीआई टी. वी पर पंत का इंटरव्यू ले रहे थे तो गलती ने उन्होंने पंत का नाम 'संत' बोल दिया। इसके बाद मजाकिया अंदाज में दोबारा पंत बोलते हुए रोहित ने सवाल किया कि जब बड़े स्कोर नहीं बना पाते तो निराश होते होंगे। इस पर रिषभ ने कहा, "कभी निराशा हातेी है, लेकिन खेल में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैदान पर अच्छा या बुरा कोई भी समय चल रहा हो, आपको हमेशा अपने खेल पर फोकस करना होता है।"
इसके साथ ही पंत ने आगे बताया कि कप्तान विराट कोहली के साथ जब वो बल्लेबाजी कर रहे थे तो क्या योजना बनाई थी।
पंत ने कहा कि जब कप्तान कोहली के साथ बल्लेबाजी कर रहा था तो हमारी योजना बड़ी साधारण थी कि अच्छी साझेदारी करनी है और आखिरी से सात-आठ ओवरों में रनगति को बढ़ाना है। हम खुश हैं कि ऐसा करने में सफल रहे। इसके बाद पंत ने कहा कि कप्तान और टीम प्रबंधन के समर्थन से काफी विश्वास बढ़ता है और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त दबाव से मुक्त हुआ क्योंकि कप्तान और टीम प्रबंधन ने भरोसा जताया और मुझे आजादी से खेलने की इजाजत मिली। जिसके चलते मैं शानदार पारी खेल पाया।
बता दें कि इससे पहले वेस्टइंडीज दौरे पर 21 साल के ऋषभ पंत ने शुरुआती दो मुकाबलों में केवल चार रन बनाए थे। हालांकि, तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में पंत अपने फॉर्म में लौटै और चार छक्के व इतने ही चौके से सजी 65 रन की पारी खेली। पंत ने कहा कि टीम के खिलाडि़यों का भी भरपूर समर्थन मिला, जिसकी वजह से मैं इस तरह की पारी खेल सका।
टीम इंडिया अब 8 अगस्त से शुरू होने वाली वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज पर अपना पूरा ध्यान केन्द्रित करेगी, जिसमें ऋषभ पंत पर एक बार फिर सबकी निगाहें होंगी।