बल्लेबाज़ी की बात करें तो विराट कोहली और रोहित शर्मा के रुप में उसके पास इस फ़ार्मेट के दो शानदार बल्लेबाज़ हैं। विराट कोहली ने जहां अपने लाजवाब फ़ार्म के चलते 82.22 की औसत से 740 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट लगभग 135 है। वहीं रोहित शर्मा ने टॉप दस टीमों के ख़िलाफ़ 600 से ज़्यादा रन बनाए हैं। ये दोनों बल्लेबाज़ टीम इंडिया की रन मशीन रहे हैं।
विराट और रोहित की वजह से टीम इंडिया ने शुरुआत में 18 मैचों में सोलह बार पचास से ज़्यादा स्कोर किया है। 15 बार विराट और रोहित के बीच 50+ की साझेदारी हुई है। शिखर धवन इस दौरान कुछ ख़ास नहीं कर पाए हैं। उनका रन औसत 20 ही रहा है लेकिन विराट और रोहित ने इसकी भरपाई की है।
टीम इंडिया ने इस दौरान लगभग हर मैच में 50+ स्कोर किया है जबकि दूसरी टीमें ऐसा नहीं कर पाई हैं। साउथ अफ़्रीका ने 20 मैचों में दस बार, ऑस्ट्रेलिया ने 17 मैचों में नौ बार, वेस्टइंडीज़ ने 18 मैचों में नौ बार, श्रीलंका ने 19 मैचों में छह बार, और पाकिस्तान ने 18 मैचों में तीन बार 50+ स्कोर किया है। टीम इंडिया के टॉप तीन बल्लेबाज़ों का औसत सबसे ज़्यादा है जो टीम की कंसिसटेंसी को दर्शाता है।
जनवरी 2014 के बाद से पारी की हर स्टेज टीम का बैटिंग प्रदर्शन
| टीम | पहले 6 ओवर:औसत | रन रेट | 6.1-15.0 ओवर: औसत | रन रेट | 5 ओवर: औसत | रन रेट |
| ऑस्ट्रेलिया | 33.76 | 8.27 | 29.75 | 8.64 | 17.33 | 10.23 |
| बांग्लादेश | 20.15 | 6.33 | 21.82 | 6.50 | 16.77 | 9.13 |
| इंग्लैंड | 24.14 | 7.60 | 27.00 | 7.83 | 22.74 | 9.51 |
| भारत | 34.86 | 7.42 | 37.68 | 7.49 | 15.97 | 9.52 |
| न्यूज़ीलैंड | 44.05 | 8.69 | 24.63 | 7.79 | 19.26 | 9.89 |
| पाकिस्तान | 17.67 | 6.05 | 22.78 | 7.17 | 22.43 | 9.36 |
| साउथ अफ़्रीका | 40.41 | 8.08 | 36.18 | 7.80 | 12.89 | 8.72 |
| श्रीलंका | 20.02 | 7.02 | 24.57 | 7.04 | 11.92 | 8.52 |
| वेस्ट इंडीज़ | 41.05 | 8.04 | 21.96 | 7.23 | 14.96 | 8.24 |
पॉवरपप्ले ओवर्स में पांच ही ऐसी टीमें हैं जो भारत से ज़्यादा तेज़ी से रन हबनाती हैं लेकिन बीच में विकेट भी गंवाती रहती हैं। ऑस्ट्रेलिया बैटिंग के हर दौर में निरंतरता से रन बनाती है, ख़ासकर आख़िरी पांच ओवरों में। न्यूज़ीलैंड भी इसी श्रेणी में आती है जबकि पाकिस्तान का रिकार्ड बहुत ख़राब है।
अब एक नज़र टीम इंडिया की बॉलिंग पर। हालंकि स्पिनरों ने झंडा उठा रखा है लेकिन तेंज़ गेंदबाज़ों का बी प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। स्पिनरों ने जहां किफ़ायती गेंदबाज़ी कर 66 विकेट लिए हैं वहीं आशीष नेहरा ने अपने चयन को सही साबित करते हुए नौ मैचों में टॉप दस टीमों के ख़िलाफ़ 12 विकेट लिए हैं। जसप्रीत बूमरा ने 13 विकेट लेकर सबको चौंका दिया है। इस मामले में अश्विन 31 विकेट के साथ सबसे आगे हैं। उनके बाद रविंद्र जडेजा आते हैं जिन्होंने 16 विकेट लिए हैं।
विश्व टी20 कप भारत में हो रहा है जिसका मतलब है टीम इंडिया जांचे परखे विकटों पर खेलेगी। ऐसे में आंकड़ें और घरेलू पिचों से जान-पहचान टीम इंडिया को ख़िताब का प्रबल दावेदार बनाते हैं।