Highlights
- विराट कोहली की खराब फॉर्म पर बहस जारी
- कोहली का जिम्बाब्वे टूर पर जाना फिलहाल तय नहीं
- पूर्व चयनकर्ता ने कोहली पर दबाव बनाने से किया मना
Virat Kohli: विराट कोहली लंबे वक्त से अपनी फॉर्म से संघर्ष कर रहे हैं। उनके बल्ले से रनों के निकलने की रफ्तार बेहद धीमी है। इसी साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप से पहले कोहली की स्थिति पूरी टीम इंडिया के लिए चिंता का सबब बन गई है। इंग्लैंड दौरे पर एजबेस्टन में हुए पांचवें रिशेड्यूल टेस्ट में 20 रन के आंकड़े को पार नहीं कर सके। इसके बाद टी20 सीरीज में भी वे संघर्ष करते रहे। उन्होंने की दो पारियों में कुल जमा 12 रन बनाए। आखिर में इंग्लैंड के खिलाफ हुई वनडे सीरीज में वे दो पारियों में 16 और 17 रन जोड़ सके।
कोहली की मौजूदा स्थिति पर सेलेक्टर्स की चुप्पी
कोहली का हालिया फॉर्म खराब रहा है। उन्होंने नवंबर 2019 के बाद से इंटरनेशनल क्रिकेट में कोई शतक नहीं लगाया है। वे मौजूदा वेस्टइंडीज दौरे पर टीम का हिस्सा नहीं हैं और उनके भविष्य को लेकर हर दिन लंबी बहस हो रही है। भारतीय सेलेक्टर्स अब तक ये नहीं बताया कि उन्हें टीम से ड्रॉप किया गया या उन्हें फिटनेस की वजह से आराम दिया गया।
टीम की सफलता के लिए कोहली महत्वपूर्ण- सबा करीम
इन सबके बावजूद, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीम इंडिया के सेलेक्टर रहे सबा करीम का मानना है कि कोहली अक्टूबर – नवंबर में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के लिए सबसे अहम खिलाड़ी बने हुए हैं। दरअसल, वे नहीं चाहते कि कोहली से अगस्त में होने वाली जिम्बाब्वे सीरीज में खेलने के लिए पूछा जाए।
कोहली पर दबाव डालना होगा गलत- सबा करीम
एक स्पोर्ट्स चैनल पर करीम ने कहा, “मुझे लगता है कि सेलेक्टर्स, कप्तान रोहित शर्मा या कोच राहुल द्रविड़ को उनसे बात करनी चाहिए मैं नहीं चाहता कि विराट कोहली पर दबाव बनाकर ये कहा जाए कि ‘आपको वापस आकर जिम्बाब्वे सीरीज खलनी होगी वरना हम आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए आपका चयन नहीं करेंगे’। अगर आपको लगता है कि वे टीम की सफलता के लिए बेहद जरूरी हैं, तो उनसे पूछिए कि क्या वे जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलना चाहेंगे या थोड़ा और रेस्ट लेकर सीधे एशिया कप में वापसी करेंगे।”
कोहली को बाहर रखना साबित होगी बड़ी भूल- सबा करीम
पूर्व चयनकर्ता को लगता है कि मौजूदा स्थिति में कोहली को टीम से बाहर बिठा देना बड़ी भूल साबित होगी। बेहतर होगा कि कप्तान और कोच उन्हें अहसास दिलाएं कि खराब फॉर्म के बावजूद उनकी मौजूदगी टीम की सफलता के लिए आवश्यक है।
जिम्बाब्वे के खिलाफ वापसी का बेहतरीन मौका
पूर्व भारतीय कप्तान के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ टीम में वापसी करने का बेहतरीन समय साबित हो सकता है। वे जिम्बाब्वे के खिलाफ 8 वनडे की 6 पारियों में 253 रन बना चुके हैं, जिसमें 1 शतक के साथ 1 अर्धशतक भी शामिल है। छोटी टीम ही सही, अगर 33 साल के स्टार प्लेयर जिम्बाब्वे के खिलाफ 3 वनडे की इस सीरीज में सेंचुरी बनाने में कामयाब होते हैं तो ये शतक उनके साथ-साथ पूरी भारतीय टीम के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।