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विराट बनाम बीसीसीआई: टी20 कप्तानी को लेकर बातचीत के बोर्ड के दावों को विराट ने किया खारिज

भारतीय क्रिकेट बोर्ड और टेस्ट कप्तान विराट कोहली के बीच मतभेद बुधवार को सार्वजनिक हो गया जब टेस्ट कप्तान ने बोर्ड के ‘गलत ’ दावे को खारिज किया कि उन्हें टी20 टीम की कप्तानी नहीं छोड़ने के लिये मनाने की कोशिश की गई थी।

Reported by: Bhasha
Published : Dec 15, 2021 10:25 pm IST, Updated : Dec 15, 2021 11:00 pm IST
Virat vs BCCI: Virat refutes board's claims of talks on T20 captaincy- India TV Hindi
Image Source : GETTY IMAGES Virat vs BCCI: Virat refutes board's claims of talks on T20 captaincy

Highlights

  • विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका दौरे पर रवाना होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
  • इस दौरान उन्होंने टी20 और वनडे की कप्तानी पर भी चर्चा की।
  • चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि उनको टी20 की कप्तानी ना छोड़ने के लिए बीसीसीआई ने कुछ नहीं कहा था।

मुंबई। भारतीय क्रिकेट बोर्ड और टेस्ट कप्तान विराट कोहली के बीच मतभेद बुधवार को सार्वजनिक हो गया जब टेस्ट कप्तान ने बोर्ड के ‘गलत ’ दावे को खारिज किया कि उन्हें टी20 टीम की कप्तानी नहीं छोड़ने के लिये मनाने की कोशिश की गई थी। भारत के सबसे कामयाब क्रिकेटरों में से एक कोहली ने यह भी कहा कि उन्हें वनडे कप्तानी से हटाने के फैसले के बारे में चयन समिति के प्रमुख चेतन शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के लिये टेस्ट टीम की घोषणा से महज डेढ घंटे पहले ही बताया था। 

भारतीय क्रिकेट के इतिहास का यह नया अध्याय प्रतीत होता है जिसमें एक हाई प्रोफाइल कप्तान ने सार्वजनिक तौर पर बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली के इस बयान को खारिज कर दिया कि बोर्ड ने उनसे अनुरोध किया था कि वे टी20 टीम की कप्तानी नहीं छोड़ें। यह रिपोर्ट लिखे जाने तक बीसीसीआई ने अपना पक्ष नहीं रखा है जबकि कहा जा रहा था कि चयन समिति के प्रमुख चेतन शर्मा मीडिया से मुखातिब होंगे। 

दक्षिण अफ्रीका दौरे पर रवाना होने से पहले प्रेस कांफ्रेंस में कोहली ने कहा, ‘‘जो फैसला किया गया उसे लेकर जो भी संवाद हुआ, उसके बारे में जो भी कहा गया वह गलत है।’’ 

कोहली ने कहा, ‘‘जब मैंने टी20 कप्तानी छोड़ी तो मैंने पहले बीसीसीआई से संपर्क किया और उन्हें अपने फैसले के बारे में बताया और उनके (पदाधिकारियों) सामने अपना नजरिया रखा।’’ भारतीय कप्तान ने गांगुली के कुछ दिन पहले के बयान से बिलकुल विपरीत जानकारी देते हुए कहा, ‘‘मैंने कारण बताए कि आखिर क्यों मैं टी20 कप्तानी छोड़ना चाहता हूं और मेरे नजरिए को अच्छी तरह समझा गया। कुछ गलत नहीं था, कोई हिचक नहीं थी और एक बार भी नहीं कहा गया कि आपको टी20 कप्तानी नहीं छोड़नी चाहिए।’’ 

वनडे कप्तानी को लेकर उन्होंने कहा, ‘‘आठ दिसंबर को टेस्ट श्रृंखला के लिए चयन बैठक से डेढ़ घंटा पहले मेरे साथ संपर्क किया गया और इससे पहले टी20 कप्तानी को लेकर मेरे फैसले की घोषणा के बाद से मेरे साथ कोई संपर्क नहीं किया गया था।’’ 

कोहली ने कहा, ‘‘मुख्य चयनकर्ता ने टेस्ट टीम पर चर्चा की जिस पर हम दोनों सहमत थे। बात खत्म करने से पहले मुझे बताया गया कि पांच चयनकर्ताओं ने फैसला किया है कि मैं एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय कप्तान नहीं रहूंगा जिस पर मैंने कहा ‘ठीक है, कोई बात नहीं’।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद टीम चयन के दौरान हमने इसके बारे में संक्षिप्त में बात की और यही हुआ।’’

 कोहली ने कहा कि बीसीसीआई के पदाधिकारियों ने उनके फैसले को प्रगतिशील बताया। उन्होंने कहा, ‘‘इसके विपरीत बीसीसीआई ने इसे प्रगतिशील और सही दिशा में उठाया गया कदम करार दिया था। उस समय मैंने कहा था कि हां, टेस्ट और एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय में मैं (कप्तान) बरकरार रहना चाहता हूं जब तक कि पदाधिकारियों और चयनकर्ताओं को लगता है कि मुझे इस जिम्मेदारी को निभाते रहना चाहिए।’’ 

कोहली ने कहा, ‘‘बीसीसीआई के साथ मेरा संवाद स्पष्ट था। मैंने विकल्प दिया था कि अगर पदाधिकारियों और चयनकर्ताओं की सोच कुछ और है तो यह (फैसला) उनके हाथ में है। ’’ बीसीसीआई को ‘रेड अलर्ट’ पर डालने वाले आखिरी भारतीय कप्तान खुद गांगुली थे जिनका तत्कालीन कोच ग्रेग चैपल के साथ विवाद जगजाहिर था। गांगुली को 2005 में जिम्बाब्वे में टेस्ट श्रृंखला जीतने के बाद कप्तानी से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें कप्तानी छोड़ने के लिये कहा गया था। इसके बाद दिवंगत जगमोहन डालमिया को बोर्ड अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। उसके बाद से क्रिकेट की राजनीति बद से बदतर हो गई। समझा जाता है कि गांगुली इस मामले से काफी खिन्न है लेकिन बोर्ड अध्यक्ष के तौर पर वह सामूहिक फैसला लेने के पक्ष में होंगे। 

बोर्ड के एक अनुभवी प्रशासक ने कहा ,‘‘बीसीसीआई के लिये यह काफी पेचीदा है। बोर्ड बयान जारी करता है तो कप्तान को झूठा साबित करेगा। बयान जारी नहीं करता है तो अध्यक्ष पर सवाल उठेंगे। कोहली के बयान से बोर्ड को काफी नुकसान हुआ है और ज्यादा इसलिये क्योंकि संवादहीनता की स्थिति है।’’ बीसीसीआई की मानें तो एक वरिष्ठ ने दावा किया कि जब कोहली से पूछा गया कि क्या टी20 कप्तान छोड़ना उचित होगा तो उसमें नौ लोग शामिल थे। 

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