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लॉकडाउन में ट्रैक पर लौटी दुती चंद ने कहा 'पहले मुझे 1 किलोमीटर भागने में 5 मिनट लगते थे लेकिन अब 7 मिनट लग रहे हैं'

 Reported By: Bhasha
 Published : May 20, 2020 02:45 pm IST,  Updated : May 20, 2020 02:46 pm IST

उन्होंने कहा, "मैं वार्मअप करती थी लेकिन मुझे कुछ परेशानियां आती थीं। पहले मुझे एक किलोमीटर की दूरी पूरा करने में पांच मिनट लगते थे लेकिन अब सात मिनट लग रहे हैं।

Earlier it used to take me 5 minutes to run 1 kilometer but now it is taking 7 minutes - dutee chand- India TV Hindi
Earlier it used to take me 5 minutes to run 1 kilometer but now it is taking 7 minutes - dutee chand Image Source : GETTY IMAGES

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जब लॉकडाउन के चौथे चरण में कहा कि खिलाड़ी ट्रेनिंग शुरू कर सकते हैं तो हर खिलाड़ी के लिए यह बेहद खुशी की बात रही। एथलीट दुती चंद इससे अलग नहीं हैं। पिछले दो महीने चारदीवारी के पीछे बिताने के बाद भारत की फर्राटा धावक अपनी पसंदीदा जगह, कलिंगा स्टेडियम के ट्रेक, पर वापसी करने में सफल रही हैं। दुती का हालांकि मानना है कि बीते कुछ महीनों में काफी कुछ बदल गया है।

दुती ने आईएएनएस से ट्रैक पर वापसी करने को लेकर बात की तो वहीं बताया कि हर किसी के अंदर सावधानी बरतने की भावना है। उन्होंने कहा कि हर कोई सर्तक रहना चाहता है और कोई गलती नहीं करना चाहता। स्टेडियम में ही नहीं दुती के शरीर में भी बदलाव हुए हैं जिसका कारण लंबे समय तक घर पर बैठना रहा है।

उन्होंने कहा, "मैं वार्मअप करती थी लेकिन मुझे कुछ परेशानियां आती थीं। पहले मुझे एक किलोमीटर की दूरी पूरा करने में पांच मिनट लगते थे लेकिन अब सात मिनट लग रहे हैं।

एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता ने कहा, "मैं अभ्यास करके अपने घर आई। पहले हम ग्रुप में ट्रेनिंग करते थे तो एक दूसरे को प्रेरित करते थे, लेकिन अब मुझे सब कुछ अकेले करना पड़ रहा है और यह अच्छा अहसास नहीं है।"

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कोरोनावायरस के आने से पहले दुती की कोशिश 100 मीटर में अपनी स्पीड 11.15 सेंकेंड करने की थी, जो ओलिम्पक क्वालीफाइंग मार्क है। उन्होंने रांची में 11.22 सेकेंड का समय निकाला था और इसी के साथ वह भारत की सबसे तेज धावक भी बन गई थीं, लेकिन ओलिम्पक कोटा हासिल करने के लिए अभी भी उन्हें काफी लंबा सफर तय करना है।

दुती ने कहा, "मैं ओलिम्पक की तैयार कर रही थी, लेकिन फिर ऐलान हुआ कि महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन होगा। उस समय मैं पटिलाया गई थी एक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने, लेकिन वो रद्द हो गया। हमें मैदान पर जाने की मंजूरी भी नहीं थी। मैं अपने कमरे में बंद थी। शुरुआती दिनों में मुझे काफी परेशानी हुई थी।"

इसी महामारी के कारण टोक्यो ओलिम्पक खेलों के एक साल के लिए टाल दिया गया है। यह खबर दुती के लिए मिलीजुली थी। उन्होंने बताया कि खेलों के स्थगन के कारण उन्हें बहुत बड़ा वित्तीय घाटा उठाना पड़ा है और अब उन्हें एक बार फिर दोबारा से शुरू करना होगा।

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दुती ने कहा, "जब ओलिम्पक स्थगित हुए मुझे काफी बुरा लगा क्योंकि मैं काफी कड़ी मेहनत कर रही थी। वित्तीय तौर पर भी मुझे काफी परेशानी हुई क्योंकि मैंने अक्टूबर से फरवरी तक अपनी ट्रेनिंग पर 30 लाख रुपये खत्म किए थे।"

उन्होंने कहा, "ओलिम्पक की तैयारी के लिए मै जर्मनी जाने की सोच रही थी। वहां तीन महीने ट्रेनिंग करती और फिर टूर्नामेंट। लेकिन कोरोनावायरस के कारण मुझे सारे प्लान रद्द करने पड़े। मुझे अब शून्य से शुरुआत करनी होगी।"

अब दुती के लिए वापसी का सफर शुरू हो चुका है और उनके मुताबिक यह बिल्कुल भी आसान नहीं रहने वाला है। अपनी पुरानी स्पीड तक पहुंचने के लिए पहले उन्हें अपनी फुल फिटनेस हासिल करनी होगी जिसमें समय लगेगा।

उन्होंने कहा, "मुझे अपनी पूरी फिटनेस में आने में तीन महीने का समय लगेगा। जब मैं फिट महसूस करने लगूंगी तो अपनी स्पीड हासिल करने पर फोकस करूंगी। मुझे लगता है कि मैंने 2019 में जो स्पीड हासिल की थी मैं उसे फरवरी 2021 तक दोबारा हासिल कर सकूंगी।"

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