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महिला आरक्षण पर विपक्ष की सोच कुत्सित, किसी का हक नहीं छीना जा रहा: सीएम योगी

 Reported By: Ruchi Kumar Edited By: Niraj Kumar
 Published : Apr 19, 2026 12:19 pm IST,  Updated : Apr 19, 2026 02:32 pm IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विपक्ष की कुत्सित मानसिकता के चलते महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका।

सीएम योगी आदित्यनाथ- India TV Hindi
सीएम योगी आदित्यनाथ Image Source : ANI

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण पर विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण पर विपक्ष की सोच कुत्सित है, किसी का हक नहीं छीना जा रहा है। लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर हमला बोलने के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी विस्तार से बताया।

प्रगतिशील कदमों का विरोध

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2014 में जब देश की सत्ता संभाली थी तब एक बात बहुत स्पष्ट किया था कि देश के अंदर चार जातियां है- महिला, गरीब, युवा और किसान । सीएम योगी ने कहा कि भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर अपने स्वयं के परिवार के लिए देश को लूटा है, स्वाभाविक रूप से यह उनके लिए चुनौती और चेतावनी भी है। इसलिए पीएम मोदी जी के नेतृत्व में जब भी प्रोग्रेसिव कदम उठा है तो कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने प्रोग्रेसिव कदमों का विरोध किया।

द्रौपदी के चीर हरण जैसा दृश्य

संसद का 16,17 और 18 को विशेष अधिवेशन बुलाया गया लेकिन विपक्ष की कुत्सित मानसिकता के चलते महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका। सीएम योगी ने कहा कि महिला आरक्षण पर बहस के दौरान लोकसभा में जो दृश्य था वो द्रौपदी के चीर हरण जैसा दृश्य था। सपा ने मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा उठाया । ये संविधान के खिलाफ था। संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण नही दिया जा सकता।शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का हनन किया था। पीएम मोदी के ट्रिपल तलाक का कानून बनाया तब भी इंडिया गठबंधन ने विरोध किया।

परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाया गया

सीएम योगी ने कहा कि परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने कहा कि जो इस पाप के भागीदार हैं जनता उनके खिलाफ है। विपक्ष ने देशहित में लिए गए फैसले का विरोध किया। पीएम ने विपक्ष को आश्वासन दिया था कि परिसीमान से किसी भी राज्य की सीट कम नहीं होगी। इस आश्वासन के बाद भी विपक्ष की छोटी सोच सामने आ गई।

उन्होंने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था। जब महिला व सामाजिक संगठनो ने इसकी मांग की कि, यह अधिनियम 2034 की बजाय 2029 में लागू हो,तो उनकी मांग के अनुरूप प्रधानमंत्री जी ने सभी पक्षों से विचार विमर्श करने के उपरांत, केंद्रीय सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में आवश्यक संशोधन लेकर आई। इसके लिए संसद का विशेष अधिवेशन भी हुआ। कुछ राज्यों ने यह मांग भी उठाई थी कि,ऐसा न हो इसके माध्यम से उनके हक को कम कर दिया जाय।

प्रधानमंत्री जी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक 2023 में पारित करते समय तय किया था कि किसी का हक नहीं छीना जाएगा, इसके लिए 33 फीसदी आरक्षण के लिए अतिरिक्त सीट लोकसभा व विधानसभा में बढ़ाये जाएंगे।

पीएम मोदी और गृह मंत्री ने सीटों कम न होने का दिया था आश्वासन

जब इधर यह बात चर्चा में आई कि दक्षिण भारत के राज्य मांग उठा रहे हैं कि, हमारा हक कम होगा, तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जी ने भी इस बात के लिए आश्वस्त किया कि 2011 की जनगणना के अनुसार जो व्यवस्था है, उसी के तहत जैसे अन्य राज्यों में, उत्तर के राज्यों में, पूरब के राज्यों में बढ़ेंगे, वैसे ही दक्षिण के राज्यों में भी वह अनुपात उसी अनुपात में यह बढ़ेगा। 

इन दलों के पास अपने पाप के परिमार्जन के लिए एक अच्छा अवसर था लेकिन इनलोगों ने उसे खो दिया। ऐसा कहा जाता है कि देख सपाई बिटिया घबराई। स्टेट गेस्ट हाउस कांड के पाप को धोने का अवसर इनके पास था लेकिन दुर्भाग्य है कि ये लोग बैरियर बनकर बैठे हैं। सब कुछ इनके परिवार को मिले, युवाओं बेरोजगारों को उनका हक नहीं मिले, यही सोच लेकर ये लोग बैठे हैं।

हम पीएम मोदी जी के प्रयासों का समर्थन करते हैं। समाज के हरेक तबके के लिए जो उन्होंने कदम उठाए हैं इसके लिए पूरा उत्तर प्रदेश उनके साथ खड़ा है। विपक्षी दलों का कृत्य अक्षम्य है। आधी आबादी इन्हें माफ नहीं करनेवाली है। 

 

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