कई सारे लोग ऐसे हैं जो अपने वीक-ऑफ के दिन घर में रहने की जगह कहीं बाहर जाना पसंद करते हैं। ऐसे लोग किसी मॉल में या फिर सिनेमा हॉल में जाते हैं। आप भी कभी न कभी किसी मॉल में या फिर सिनेमा हॉल तो जाते ही होंगे और अगर आपने कभी वहां के टॉयलेट को यूज किया है तो फिर एक जरूरी अंतर तो आपने नोटिस किया ही होगा। हमारे घर में जो टॉयलेट होते हैं, उनके दरवाजे पूरे होते हैं। मतलब वो ऊपर से लेकर नीचे तक कवर होते हैं लेकिन वहीं पब्लिक टॉयलेट के दरवाजों में नीचे थोड़ा गैप होता है। हर पब्लिक टॉयलेट तो शायद नहीं लेकिन अधिकतर पब्लिक टॉयलेट के दरवाजों में आपको नीचे गैप देखने को मिले ही होंगे। तो क्या आपने कभी इसके पीछे का कारण जानने की कोशिश की है?
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आखिर क्यों होता है ये गैप?
आपने अगर पब्लिक टॉयलेट को गौर से देखा है तो पाया होगा कि वहां के दरवाजे में नीचे से गैप होता है लेकिन इसके पीछे का कारण क्या होता है? आइए हम आपको इसके बारे में बताते हैं। इसके पीछे जो अहम कारण बताया जाता है वो हेल्थ इमरजेंसी को लेकर बताया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर वॉशरूम इस्तेमाल करते समय किसी को कोई स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति आ जाए तो ऐसी स्थिति में वो गैप बहुत मदद कर सकता है। उस गैप से दूसरे लोग आसानी से यह देख पाते हैं कि अंदर मौजूद व्यक्ति किसी परेशानी में है और उसकी मदद के लिए तुरंत कदम उठाया जा सकता है। यही एक अहम कारण उस गैप के होने के पीछे बताया जाता है।
इसका नुकसान क्या है?
पब्लिक टॉयलेट के दरवाजे में बने गैप का फायदा तो आपने जान लिया, अब आपको इसका नुकसान भी बताते हैं। इसका नुकसान यह है कि इनमें प्राइवेसी कम होती है। वहां से गुज़रने वाले लोग जमीन और क्यूबिकल के दरवाजे के निचले हिस्से के बीच से अपना फोन अंदर डालकर, टॉयलेट इस्तेमाल करने वाले शख्स की फ़ोटो खींच सकते हैं।
नोट: इस आर्टिकल में दी गई सारी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स पर आधारित है और इंडिया टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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