1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. हेपेटाइटिस से सिरोसिस तक, कब लिवर की समस्या बन जाती है जानलेवा? डॉक्टर से जानें सच्चाई

हेपेटाइटिस से सिरोसिस तक, कब लिवर की समस्या बन जाती है जानलेवा? डॉक्टर से जानें सच्चाई

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Apr 19, 2026 11:51 am IST,  Updated : Apr 20, 2026 04:56 pm IST

हेपेटाइटिस से शुरू होने वाली लिवर की छोटी-सी समस्या कब धीरे-धीरे सिरोसिस जैसे गंभीर और जानलेवा रूप में बदल जाती है, इसका अंदाजा अक्सर लोगों को तब होता है जब काफी देर हो चुकी होती है। चलिए डॉक्टर से जानते हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय

लिवर - India TV Hindi
लिवर Image Source : UNSPLASH

लिवर शरीर का एक ऐसा अंग है जो 500 से अधिक महत्वपूर्ण कार्य करता है। लेकिन अक्सर हम इसकी आवाज़ तब सुनते हैं जब स्थिति काफी बिगड़ चुकी होती है। गोरखपुर में स्थित रीजेंसी हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और कंसल्टेंट डॉ. चंद्रमौली मिश्रा बता रहे हैं हेपेटाइटिस से लेकर लिवर सिरोसिस तक का सफर एक चेतावनी है, जिसे समय रहते समझना जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर हो सकता है। 

हेपेटाइटिस के शुरुआती चेतावनी

हेपेटाइटिस का सरल अर्थ है लिवर की सूजन। यह सूजन वायरस (A, B, C, D, E), अत्यधिक शराब के सेवन, या फैटी लिवर की समस्या के कारण हो सकती है।

  • शुरुआती संकेत: थकान, हल्का बुखार, भूख न लगना और पेशाब का रंग गहरा होना।

  • जोखिम: यदि हेपेटाइटिस B या C का इलाज न किया जाए, तो यह 'क्रोनिक' हो जाता है और धीरे-धीरे लिवर की कोशिकाओं को नष्ट करने लगता है।

फाइब्रोसिस से सिरोसिस तक का सफर:

जब लिवर में बार-बार सूजन आती है, तो शरीर उस क्षति को ठीक करने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में लिवर पर 'स्कार टिश्यू' (घाव के निशान) बनने लगते हैं, जिसे फाइब्रोसिस कहा जाता है। जब ये निशान लिवर के एक बड़े हिस्से को कवर कर लेते हैं, तो लिवर सख्त हो जाता है और अपना काम करने में असमर्थ हो जाता है। इसी अवस्था को लिवर सिरोसिस कहते हैं। यह लिवर की बीमारियों का वह चरण है जहाँ से वापस लौटना बहुत कठिन हो जाता है।

कब लें इसे गंभीरता से?

  • पीलिया: आँखों और त्वचा का पीला पड़ना। यह संकेत है कि लिवर 'बिलीरुबिन' को प्रोसेस नहीं कर पा रहा है।

  • पेट में सूजन: पेट में पानी भर जाना या पैरों में लगातार सूजन रहना।

  • मानसिक भ्रम: लिवर जब खून से टॉक्सिन्स (जैसे अमोनिया) को साफ नहीं कर पाता, तो वे मस्तिष्क तक पहुँच जाते हैं, जिससे भ्रम या बेहोशी हो सकती है।

  • खून की उल्टी: सिरोसिस के कारण नसों में दबाव बढ़ता है, जिससे भोजन नली की नसें फट सकती हैं।

  • अत्यधिक खुजली और हथेलियों का लाल होना: यह पित्त के संचय का संकेत हो सकता है।

कैसे करें बचाव?

  • टीकाकरण: हेपेटाइटिस A और B के टीके उपलब्ध हैं, जो लिवर कैंसर और सिरोसिस के जोखिम को काफी कम कर देते हैं।
  • शराब से दूरी: शराब सिरोसिस का सबसे प्रमुख कारण है। इसका सीमित या शून्य सेवन ही एकमात्र समाधान है।

  • वजन नियंत्रण: आजकल 'फैटी लिवर' एक महामारी की तरह बढ़ रहा है। संतुलित आहार और व्यायाम इसे सिरोसिस बनने से रोक सकते हैं।

  • दवाओं का सावधानी से उपयोग: बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर दवाओं का सेवन लिवर को डैमेज कर सकता है।

हेपेटाइटिस से सिरोसिस तक की यात्रा रातों-रात तय नहीं होती; इसमें सालों लग जाते हैं। अच्छी खबर यह है कि लिवर में खुद को ठीक करने की अद्भुत क्षमता होती है, बशर्ते हम उसे सही समय पर सहारा दें।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।