1. Hindi News
  2. टेक
  3. न्यूज़
  4. सरकार का स्मार्टफोन में आधार ऐप अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल करने का प्रस्ताव वापस

सरकार का स्मार्टफोन में आधार ऐप अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल करने का प्रस्ताव वापस

 Published : Apr 19, 2026 12:15 pm IST,  Updated : Apr 19, 2026 12:15 pm IST

सरकार ने भारत में स्मार्टफोन में आधार ऐप के अनिवार्य प्री-इंस्टॉलेशन के प्लान पर समीक्षा के बाद आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया है.

Aadhaar App- India TV Hindi
आधार ऐप Image Source : UIDAI

Aadhaar App Pre-installation: केंद्र सरकार ने भारत में बेचे जाने वाले स्मार्टफोन्स में आधार ऐप को अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल करने का प्रस्ताव या प्लान रद्द कर दिया है। पहले भारत सकार का विचार था कि आधार ऐप को हर फोन पर पहले से इंस्टॉल किया जाएगा। इसका मतलब यह होता कि यूजर्स को उनके फोन में ऐप डिफॉल्ट रूप से मिलेगा, चाहे वे इसे चाहें या नहीं। हालांकि अब ऐसा नहीं हो रहा है और उस प्रस्ताव को वापस ले लिया गया है जो भारत में स्मार्टफोन बेचने के तरीके को बदल सकता था। सरकार ने समीक्षा के बाद इस प्लान पर आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया है.

UIDAI ने दिया था आईटी मंत्रालय को ये सुझाव

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पहले आईटी मंत्रालय को यह सुझाव दिया था, लेकिन स्मार्टफोन मेकर्स और कई स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा के बाद प्रस्ताव को हटा दिया गया है। मीडिया रिपोर्टस की जानकारी के मुताबिक आईटी मंत्रालय स्मार्टफोन पर आधार ऐप को अनिवार्य बनाने के पक्ष में नहीं है।

किस बारे में था ये प्रस्ताव?

स्मार्टफोन ब्रांड्स को अपने डिवाइस पहले से इंस्टॉल किए गए आधार ऐप के साथ बेचने के लिए कहा जाने वाला था। इससे यूजर्स को इसे खुद डाउनलोड करने से बचाया जा सकने का विचार था और ये प्लान था कि आधार की पहुंच बड़े पैमाने पर भारतीयों तक आसान व तेज हो जाएगी। पहले से ही बैंकिंग और टेलीकॉम जैसी सर्विसेज में आधार का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए विचार यह था कि यूजर्स को बाद में इसको ढूंढने के बजाय इसे फोन पर आसानी से मुहैयार करा दिया जाए। इस फैसले के लागू होने की सूरत में एप्पल, सैमसंग सहित दूसरे स्मार्टफोन कंपनियों को अपने फोन में आधार ऐप मेंडेटरी यानी अनिवार्य तौर पर प्री-इंस्टॉल करके देना होता, लेकिन सरकार के इस प्रस्ताव का बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों समेत अन्य ने भी विरोध किया था।

स्मार्टफोन कंपनियां तैयार क्यों नहीं हुईं?

स्मार्टफोन मेकर्स सरकार के इस प्लान से पूरी तरह सहमत नहीं थे और एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों ने कुछ चिंताएं जताईं जैसे की लागत का बढ़ना एक बड़ी चिंता थी। ज्यादातर ब्रांड अलग-अलग देशों में एक ही तरह के मैन्यूफैक्चर्ड फोन बेचते हैं इसलिए सिर्फ भारत के लिए डिफॉल्ट रूप से कुछ जोड़ने का मतलब कंपनियों को एक्स्ट्रा खर्च करने के लिए तैयार रहना पड़ता। स्मार्टफोन की सेफ्टी और डेटा गोपनीयता को लेकर भी चिंताएं थीं। कुछ कंपनियों का मानना ​​था कि डिवाइस पर किसी ऐप को डिफॉल्ट रूप से डालने से सिक्योरिटी रिस्क पैदा हो सकता है या यूजर्स के लिए तकनीकी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। लिहाजा कंपनियां इसके लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार नहीं हुईं।

पहले भी कई बार कोशिशें की पर सफल नहीं हुईं

यह पहली बार नहीं था जब इस तरह का कोई प्रस्ताव आया हो। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ सालों में आधार ऐप को प्री-इंस्टॉल करने पर जोर देने के लिए कई कोशिशें की गईं लेकिन हर बार स्मार्टफोन इंडस्ट्री ने इसी तरह की चिंताएं जताई थीं। बार-बार डिस्कशन और कंसलटेशन के बाद सरकार ने अब इस पर आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया है।

ये भी पढ़ें 

30 अप्रैल को खत्म हो जाएगा BSNL का यह खास ऑफर, 1 रुपये में 30 दिनों की वैलिडिटी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tech News से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें टेक