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ISL-6 : टूर्नामेंट में 15 गोल करने वाले चेन्नइयन के वाल्सकिस ने जीता गोल्डन बूट अवॉर्ड

 Reported By: IANS
 Published : Mar 15, 2020 03:52 pm IST,  Updated : Mar 15, 2020 03:52 pm IST

दो बार की चैंपिंयन चेन्नइयन एफसी के फारवर्ड नेरीजुस वाल्सकिस को हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छठे सीजन के गोल्डन बूट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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ISL-6 : टूर्नामेंट में 15 गोल करने वाले चेन्नइयन के वाल्सकिस ने जीता गोल्डन बूट अवॉर्ड Image Source : ISL

फातोर्दा (गोवा)| दो बार की चैंपिंयन चेन्नइयन एफसी के फारवर्ड नेरीजुस वाल्सकिस को हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छठे सीजन के गोल्डन बूट अवार्ड से सम्मानित किया गया। वाल्सकिस को शनिवार को यहां जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम में एटीके के खिलाफ खेले गए फाइनल मैच के बाद गोल्डन बूट अवार्ड से सम्मानित किया गया। वाल्सकिस की टीम चेन्नइयन एफसी को फाइनल मुकाबले में हालांकि एटीके के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा।

विजेता एटीके के फिजियन स्ट्राइकर रॉय कृष्णा इस पुरस्कार की दौड़ में सबसे आगे चल रहे थे लेकिन फाइनल में 40वें मिनट में एटीके के सीजन के शीर्ष स्कोरर और कप्तान कृष्णा चोटिल हो गए और फिर वह पूरे मैच के दौरान मैदान पर वापस नहीं लौटे। वहीं, वाल्सकिस ने फाइनल मैच में 69वें मिनट में चेन्नइयन के लिए गोल दागा। वाल्सकिस का इस सीजन का यह 15वां गोल था और इसके साथ ही वह इस सीजन में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए।

कृष्णा के भी हालांकि सीजन में 15 गोल रहे, लेकिन कृष्णा के मुकाबले वाल्सकिस का सबसे अधिक छह एसिस्ट भी थे और इसी कारण वाल्सकिस को गोल्डन बूट अवॉर्ड से नवाजा गया। गोल्डन बूट अवार्ड के लिए हालांकि सिर्फ गोलों या एसिस्ट की संख्या ही नहीं देखी जाती। इसके लिए यह भी देखा जाता है कि मैदान पर खिलाड़ी का व्यवहार कैसा रहा है और इस लिहाज से रॉय इस पुरस्कार के लिए सबसे काबिल उम्मीदवार दिखाई दे रहे थे क्योंकि वाल्सकिस के नाम तीन पीले कार्ड जबकि रॉय के नाम सिर्फ एक बार पीला कार्ड था। इसके बावजूद 32 साल के वाल्सकिस गोल्डन बूट अवॉर्ड पाने में सफल रहे।

उनके अलावा इस पुरस्कार की दौड़ में 16 मैचों में 15 गोल करने वाले केरला ब्लास्टर्स के कप्तान बाथोर्लोमेव ओग्बेचे और गोवा के स्ट्राइकर फेरान कोरोमिनास भी थे। लेकिन दोनों की टीमें खिताब की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं और इसी के साथ उनकी दावेदारी भी खत्म हो चुकी थी।

ओग्बेचे को तीन मौकों पर पीला कार्ड मिला था और उनके नाम एक एसिस्ट था जबकि कोरोमिनास के नाम 17 मैचों में 14 गोल और चार एसिस्ट था और उन्हें सिर्फ एक बार ही पीला कार्ड मिला था।

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