रियो: भारत की महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने कल जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को हराकर भारत की झोली में एक सिल्वर पदक पक्का कर दिया है। गोल्ड मैडल के लिए सिंधु अब आज शीर्ष वरीयता प्राप्त स्पेन की कैरोलिना मारिन से भिड़ेंगी। सिंधु अब अगर फाइनल मैच हार भी जाती हैं तो उनका रजत पदक पक्का है, जो भारत का ओलम्पिक में बैडमिंटन का पहला रजत पदक होगा।
सिंधु ने पहले गेम में जबरदस्त प्रदर्शन किया और 10-6 की बढ़त ले ली। ओकुहारा ने इसके बाद संघर्ष किया और अंकों के अंतर को कम करने की कोशिश की। लेकिन सिंधु ने उनकी लाख कोशिशों के बावजूद भी आगे नहीं निकलने दिया। ओकुहारा एक अंक लेतीं तो सिंधु तुरंत वापसी कर लेतीं। इसी बीच सिंधु 17-14 से आगे थीं।
पहले गेम में सिंधु ने हालांकि कुछ गलतियां की और कई बार शॉट बाहर खेल बैठीं, लेकिन गेम के अंत में उन्होंने अपनी गलती को सुधारा और 27 मिनट में गेम 21-19 से अपने नाम किया।
दूसरा गेम सिंधु के अटूट आत्मविश्वास का गवाह बना। उन्होंने दूसरे गेम की शुरुआत अच्छी नहीं की और वह शुरुआत में ही 0-3 से पीछे हो गईं। 10वीं विश्व वरियता प्राप्त सिंधु ने इसके बाद 5-5 से बराबरी हासिल की।
बराबरी के बाद ओकुहारा ने एक बार फिर 7-5 की बढ़त ले ली, लेकिन सिंधु ने तुंरत दो अंक हासिल करते हुए स्कोर 7-7 से फिर बराबर कर लिया। यहां से दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष शुरू हुआ जो 8-8 से होते हुए 10-10 तक पहुंचा।
यहां से सिंधु ने विश्व स्तर का खेल दिखाया और जापानी खिलाड़ी को एक भी अंक नहीं लेना दिया। सिंधु ने चौंकाने वाली वापसी की और लगातार 11 अंक हासिल कर 21-10 से मैच जीत लिया। यह गेम 22 मिनट चला।
सिंधु ने इसी के साथ इतिहास रचते हुए ओलम्पिक खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनने की उपलब्धि हासिल कर ली।
गौरतलब है कि सिंधु के इस प्रदर्शन के बाद भारत के खाते में अब दो पदक हो जाएंगे।
जीत के बाद पीवी सिंधु की फैमिली का पहला रिएक्शन:






