ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने फिडे महिला विश्व कप सेमीफाइनल में चीन की टिंगजी लेई को टाईब्रेकर में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए हरा दिया और अब फाइनल उनका सामना हमवतन भारतीय दिव्या देशमुख से होगा। उन्होंने सेमीफाइनल में कमाल का प्रदर्शन किया और उनके सामने चीनी प्लेयर की एक ना चली। फाइनल में जगह बनाने वाली हम्पी और दिव्या दोनों ने अगले साल होने वाले महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
पहली दो बाजी रही थीं ड्रॉ
सामान्य समय नियंत्रण में पहली दो बाजी ड्रॉ होने के बाद कोनेरू हम्पी को टाईब्रेकर में 1-1 से ड्रॉ के साथ संतोष करना पड़ा, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के लिए 15-15 मिनट की दो बाजी एक्स्ट्रा समय के साथ थी। अगली दो टाईब्रेक बाजी 10-10 मिनट की थी। लेई ने पहली बाजी जीतकर बढ़त बनाई, लेकिन हम्पी ने मुश्किल स्थिति में होने के बावजूद दूसरी बाजी जीतकर मुकाबला फिर बराबर कर दिया।
तीसरे सेट की पहली बाजी में ही दर्ज की थी जीत
टाईब्रेक बाजी के तीसरे सेट में कोनोरू हम्पी ने पहली बाजी में सफेद मोहरों से शुरुआत की और खेल के सभी विभागों में टिंगजी लेई को परास्त करते हुए इसे जीत लिया। पहली बाजी जीतने के बाद फाइनल में पहुंचने के लिए हम्पी को बस एक ड्रॉ की जरूरत थी और उन्होंने जीत हासिल करके खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
दूसरी तरफ इंटरनेशनल मास्टर दिव्या देशमुख ने फिडे महिला विश्व शतरंज कप के सेमीफाइनल में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन को पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया था। फाइनल में जगह बनाने के साथ ही अगले साल महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उनका प्रवेश भी सुनिश्चित हो गया है जिससे मौजूदा महिला विश्व चैंपियन वेनजुन जू के प्रतिद्वंदी का फैसला होगा। चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त जोनर झू और तत्कालीन हमवतन ग्रैंडमास्टर डी हरिका को क्वार्टर फाइनल में हराने के बाद दिव्या ने इस टूर्नामेंट में अपना दबदबा बरकरार रखा था। टैन के खिलाफ 101 चाल में जीत उनके बढ़ते शतरंज कौशल का प्रमाण था। अब फाइनल में वह भारतीय प्लेयर के सामने होंगी।
(Input: PTI)
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